हौसले की मिसाल: वृंदावन और बरसाना पैदल चलकर लौटे विचित्र सिंह,19 दिन में 375 किलोमीटर की दूरी में कई जगह हुआ स्वागत

हौसले की मिसाल: वृंदावन और बरसाना पैदल चलकर लौटे विचित्र सिंह,19 दिन में 375 किलोमीटर की दूरी में कई जगह हुआ स्वागत
पीलीभीत। अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी दूरी मुश्किल नहीं रहती। इसे सच कर दिखाया है पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव पिपरिया दुलई निवासी 43 वर्षीय विचित्र सिंह ने, जिन्होंने 375 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर वृंदावन और बरसाना तक पहुंचकर आस्था और संकल्प की मिसाल पेश की।बताया जाता है कि 29 मार्च को वह बिना किसी विशेष तैयारी के एक बैग के साथ पैदल ही घर से निकल पड़े।

उनके इस फैसले से परिजन और ग्रामीण पहले हैरान रह गए, लेकिन उनके जज्बे के आगे किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। यात्रा के दौरान उन्होंने पीलीभीत, नवाबगंज, रिठौरा, बरेली, बदायूं, कासगंज, उझानी और शोरों जैसे कई शहरों को पार किया। जहां-जहां उनकी यात्रा की जानकारी लोगों को मिली, वहां उनका स्वागत किया गया और लोगों ने उनके हौसले की सराहना की। करीब 16 दिनों तक लगातार पैदल चलने के बाद वह वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने बांके बिहारी भगवान के दर्शन किए। इसके बाद गोवर्धन परिक्रमा करते हुए 19वें दिन बरसाना पहुंचकर राधा रानी के दरबार में मत्था टेककर अपनी यात्रा पूरी की। इस पूरी यात्रा को उन्होंने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया और यूट्यूब के माध्यम से साझा भी किया।शनिवार को जब वह अपने गांव लौटे तो सिरसा चौराहे पर उनका भव्य स्वागत किया गया। ग्राम प्रधान राजाराम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच माहौल उत्सव जैसा हो गया। इस दौरान सविन सिंह, हरी बाबू वर्मा, रनवीर सिंह, शौर्य सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।विचित्र सिंह ने बताया कि उनके मन में अचानक यह यात्रा करने का विचार आया और उन्होंने बिना देर किए इसे शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें आत्मिक शांति और जीवन का एक नया अनुभव दिया।उनकी इस प्रेरणादायक पहल ने यह साबित कर दिया कि सच्चे मन और दृढ़ संकल्प के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। क्षेत्र के लोग उन्हें अब प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं।




