खुशी के आंसुओं के साथ हाजियों को विदाई, गांव में गूंजा ‘लब्बैक’

खुशी के आंसुओं के साथ हाजियों को विदाई, गांव में गूंजा ‘लब्बैक’
पूरनपुर/पीलीभीत।थाना सेहरामऊ क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोरा में रविवार का दिन आस्था, भावनाओं और भाईचारे की मिसाल बन गया, जब गांव के रहने वाले अकील अहमद खां और उनकी पत्नी पवित्र हज यात्रा के लिए रवाना हुए। इस मौके पर पूरे गांव में एक अलग ही माहौल देखने को मिला, जहां हर आंख नम थी और हर जुबां पर दुआएं थीं।रविवार सुबह फजर की नमाज अदा करने के बाद हाजी दंपत्ति ने अपने घर से यात्रा की शुरुआत की। उनके घर पर परिवारजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी रही।हर कोई उन्हें मुबारकबाद देने और उनकी यात्रा के सफल व कुबूल होने की दुआ करने पहुंचा। लोगों ने अल्लाह से उनकी हिफाजत और सफर की आसानी की कामना की।गांव की महिलाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ विदाई समारोह में भाग लिया। पारंपरिक तरीके से फूल-मालाएं पहनाकर हाजियों को विदा किया गया। माहौल पूरी तरह धार्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत रहा। बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी इस भावुक पल के साक्षी बने और हाजियों के साथ अपनी शुभकामनाएं साझा कीं।
ग्राम पंचायत गोरा से हाजियों का काफिला बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ गढ़वा खेड़ा तक पहुंचा। इस दौरान “लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। यह दृश्य न सिर्फ भावुक करने वाला था, बल्कि सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था की झलक भी दिखा रहा था।गढ़वा खेड़ा पहुंचने के बाद हाजियों को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। यहां भी लोगों ने गले लगाकर विदाई दी और दुआओं से नवाजा। अकील अहमद खां ने कहा कि हज पर जाना हर मुसलमान का सपना होता है और वह खुद को खुशनसीब मानते हैं कि उन्हें यह अवसर मिला। उन्होंने सभी से अपनी यात्रा के लिए दुआ करने की अपील की।बताया गया कि हाजी दंपत्ति लखनऊ पहुंच चुके हैं, जहां से सोमवार को वे हवाई मार्ग से सऊदी अरब के लिए रवाना होंगे। गांव के लोगों ने बताया कि अकील अहमद खां का परिवार मिलनसार और सम्मानित है, और उनकी इस यात्रा से पूरे गांव में खुशी का माहौल है।विदाई का यह भावुक दृश्य लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा। इस अवसर पर रिजवान हफीज, मुफीस खां, नफीस खां, शकील खान, तबरेज खान, अरशद खान, कफील खां, रजाउलहक खां सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
रिपोर्ट एह तसामुलहक खा




