सिख नेता की कोशिश सफल, जेल से बाहर आए किसान नेता, डीएम से बातचीत के बाद बदला माहौल, जताया आभार

सिख नेता की कोशिश सफल, जेल से बाहर आए किसान नेता, डीएम से बातचीत के बाद बदला माहौल, जताया आभार
पीलीभीत। डीएम को फोन पर अभद्र भाषा के मामले में जेल भेजे गए किसान नेता बलजिंदर सिंह को गुरुवार सुबह जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष व सिख नेता अतेंद्र पाल सिंह की भूमिका चर्चा का विषय बनी रही। बताया जा रहा है कि अतेंद्र पाल सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह से फोन पर बातचीत की और पूरे प्रकरण में नरमी बरतने की अपील की। सूत्रों के अनुसार, इस पहल के बाद प्रशासनिक स्तर पर माहौल कुछ नरम हुआ और जमानत प्रक्रिया में तेजी आई, जिससे किसान नेता को राहत मिल सकी। रिहाई के बाद किसान नेता बलजिंदर सिंह ने अतेंद्र पाल सिंह का आभार जताते हुए कहा कि उनकी सक्रियता इस मामले में निर्णायक साबित हुई। उन्होंने यह भी बताया कि सिख नेता के प्रयासों से ही प्रशासन तक बात प्रभावी तरीके से पहुंच सकी। अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष गुरविंदर सिंह ने भी माना कि संगठन के समर्थन के साथ-साथ अतेंद्र पाल सिंह की लगातार कोशिशों ने ही मामले को सकारात्मक दिशा दी। उन्होंने कहा कि संगठन अपने नेता के साथ मजबूती से खड़ा रहा, लेकिन राजनीतिक पहल के बाद ही समाधान का रास्ता साफ हुआ। गौरतलब है कि गेहूं खरीद को लेकर शुरू हुआ विवाद उस समय बढ़ गया था, जब किसान नेता पर जिलाधिकारी को कथित रूप से धमकी देने का आरोप लगा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस बीच, किसान नेता द्वारा अपने बयान पर खेद जताने और जिलाधिकारी को सम्मानित बताते हुए माफी मांगने के बाद माहौल कुछ शांत हुआ, जिसका असर प्रशासनिक रुख पर भी देखने को मिला। रिहाई के बाद क्षेत्र में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे सियासी हस्तक्षेप का बड़ा असर माना जा रहा है। इस संबंध में अतेंद्र पाल सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने जिलाधिकारी के मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी दरियादिली के चलते ही किसान नेता को समय रहते राहत मिल सकी।




