शंखप्रक्षालन से शुद्धि का संदेश, 80 से अधिक साधकों ने अपनाई प्राचीन योग क्रिया

शंखप्रक्षालन से शुद्धि का संदेश, 80 से अधिक साधकों ने अपनाई प्राचीन योग क्रिया
रात 3 बजे मुरादाबाद से पहुंचे साधक, अग्रवाल सभा में हुआ भव्य आयोजन
पीलीभीत। भारतीय योग संस्थान के तत्वावधान में रविवार को अग्रवाल सभा परिसर में प्राचीन योग क्रिया शंखप्रक्षालन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व उपप्रधान (पूर्वी उ.प्र.) श्री संजय अग्रवाल और जिला प्रधान श्री सतीश शर्मा ने किया, जिसमें 80 से अधिक योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस विशेष यौगिक क्रिया के तहत साधकों ने गुनगुने पानी में सेंधा नमक मिलाकर सेवन किया और ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, तिर्यक भुजंगासन, कटिचक्रासन व उदराकर्षण जैसे पांच प्रमुख आसनों का अभ्यास किया। योगाचार्यों ने बताया कि शंखप्रक्षालन से शरीर की आंतरिक सफाई होती है और पाचन तंत्र सक्रिय होकर कब्ज, गैस व अपच जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।क्रिया के उपरांत साधकों को मूंग दाल की खिचड़ी देशी घी के साथ ग्रहण कराई गई, जिससे शरीर को पुनः ऊर्जा मिल सके।

कई साधकों ने कुंजल, जलनेति, रबरनेति व सूत्रनेति जैसी अन्य शुद्धि क्रियाएं भी कीं, जिससे पूरा वातावरण योगमय हो गया।कार्यक्रम में तेज नारायण गंगवार, राजीव अग्रवाल, राजीव सिंघल, शोभित बाजपेई, नेहा असावा, रजनी त्रिपाठी, मीना कटियार, रेनू शर्मा, देवदत्त योगाचार्य, आलोक शर्मा, डॉ. सत्येंद्र कुमार, कृष्ण अवतार कंसल, संजीव कुमार, कीरत प्रसाद, नीलम सिंह, कामिनी सिंह सहित अनेक साधक मौजूद रहे। विशेष बात यह रही कि मुरादाबाद से तीन साधक रात 3 बजे ही इस क्रिया में शामिल होने के लिए पीलीभीत पहुंच गए। पूरे आयोजन की व्यवस्था श्री सुनील अग्रवाल और श्री भूपदत्त शर्मा ने संभाली। अंत में भारतीय योग संस्थान ने जनपद में संचालित निःशुल्क योग केंद्रों से जुड़कर स्वस्थ और संतुलित जीवन अपनाने का आह्वान किया।




