सीसीटीवी में कैद हुआ मौत का सौदा: सल्फास खरीदने के बाद युवक ने की आत्महत्या, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग”
पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां प्रतिबंधित जहरीले पदार्थ सल्फास की कथित अवैध बिक्री ने एक युवक की जान ले ली। इस घटना ने न केवल एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि कृषि विभाग और फर्टीलाइजर सेंटर की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक युवक के भाई नें मामले में किसान फर्टीलाइजर के सैल्समैंन के खिलाफ शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।जानकारी के अनुसार, गांव सुल्तानपुर निवासी गौरव तिवारी ने 19 मार्च को जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद से ही परिजन सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। गमगीन माहौल में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन अब इस मामले में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उन्होंने पूरे घटनाक्रम को और भी गंभीर बना दिया है।मृतक युवक द्वारा आत्महत्या से पहले अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो भी बनाया गया था, जिसमें उसने साफ तौर पर कहा कि वह जीवन से परेशान है और अब जीने की इच्छा नहीं है। हालांकि, इस दर्दनाक कदम के पीछे जो लापरवाही सामने आई है, वह और भी चिंताजनक है।परिजनों द्वारा की गई पड़ताल में यह बात सामने आई कि गौरव तिवारी ने गांव में स्थित एक किसान फर्टीलाइजर से सल्फास की पुड़िया खरीदी थी। इस संबंध में एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किसान फर्टीलाइजर का सेल्समैन युवक को सल्फास बेच रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सल्फास जैसे जहरीले पदार्थ की बिक्री पर प्रतिबंध है, तो आखिर यह बिक्री कैसे और किन परिस्थितियों में की गई। परिजनों का आरोप है कि गौरव मानसिक रूप से परेशान रहता था, इसके बावजूद भी बिना किसी जांच-परख के उसे इतना खतरनाक पदार्थ बेच दिया गया।परिजनों ने भावुक होकर कहा कि “अगर किसान फर्टीलाइजर वाले ने युवक को सल्फास की बिक्री न की होती, तो आज हमारा बेटा जिंदा होता।” उनका कहना है कि यह सिर्फ आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि लापरवाही से हुई एक मौत है। यदि फर्टीलाइजर सेंटर द्वारा जिम्मेदारी दिखाई जाती, तो इस घटना को टाला जा सकता था।इस पूरे मामले ने कृषि विभाग की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। नियमों के अनुसार, सल्फास जैसे जहरीले पदार्थ की खुलेआम बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके लिए सख्त निगरानी की जरूरत होती है। इसके बावजूद भी इस तरह की बिक्री होना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है। गौरतलब है कि जनपद पीलीभीत में पहले भी नकली खाद और प्रतिबंधित रसायनों की बिक्री के मामले सामने आते रहे हैं, जिन पर समय-समय पर कार्रवाई भी की गई है। लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।फिलहाल, मृतक के परिजनों ने संबंधित किसान फर्टीलाइजर सेंटर के संचालक और सेल्समैन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी और की जान न ले सके।वहीं, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और वायरल सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में शोक की लहर है और हर कोई यही कह रहा है कि अगर समय रहते जिम्मेदारी निभाई जाती, तो एक युवा जिंदगी को यूं खत्म होने से बचाया जा सकता था।
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