14-15 फरवरी को अकीदत के साथ मनाया जाएगा उर्से वाहिदी जाहिदी
दो दिवसीय उर्स में उमड़ेंगे जायरीन, लंगर-ए-आम का रहेगा इंतजाम

14-15 फरवरी को अकीदत के साथ मनाया जाएगा उर्से वाहिदी जाहिदी
दो दिवसीय उर्स में उमड़ेंगे जायरीन, लंगर-ए-आम का रहेगा इंतजाम
चादरपोशी और कुल शरीफ के साथ होगा उर्स का समापन
(मीनू बरकाती शेरपुर कलां)
पीलीभीत।सूफी संत परंपरा के प्रतिष्ठित बुजुर्ग सैय्यद हुसैन मियां क़ादरी चिस्ती वाहिदी के उर्स मुबारक का आयोजन 14 व 15 फरवरी को इंशाअल्लाह ताला अकीदत और एहतराम के साथ किया जाएगा। उर्से वाहिदी जाहिदी के अवसर पर दरगाह शरीफ को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार दो दिवसीय कार्यक्रम में कुरआन ख्वानी, फातिहा, चादरपोशी, तकरीर और महफिले समा (कव्वाली) का विशेष इंतजाम रहेगा।उर्स के पहले दिन सुबह से ही जायरीन की आमद शुरू हो जाएगी। अकीदतमंद दरगाह पर हाजिरी देकर देश-प्रदेश की अमन-चैन और खुशहाली की दुआ करेंगे। शाम के वक्त चादरपोशी की रस्म अदा की जाएगी, जिसमें इलाके के गणमान्य लोग और दूर-दराज से आए मेहमान शरीक होंगे। दूसरे दिन कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा।आयोजन से जुड़े जिम्मेदारान ने बताया कि उर्स के दौरान लंगर-ए-आम का इंतजाम रहेगा, जिसमें सभी धर्मों के लोग शिरकत कर सकेंगे। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर स्वयंसेवकों की टीम तैनात रहेगी, ताकि जायरीन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पार्किंग, साफ-सफाई और पेयजल की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है।उर्स केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम देने का माध्यम भी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। आयोजन समिति ने तमाम जायरीन से अपील की है कि कार्यक्रम में पहुंचकर उर्स की रौनक बढ़ाएं और सूफी संत की शिक्षाओं पर अमल करते हुए समाज में प्रेम व सौहार्द का संदेश फैलाएं।




