डॉ. कपिल देव पाण्डेय ने भारतीय प्रबंधन संस्थानों में किया शोध पत्रों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण

डॉ. कपिल देव पाण्डेय ने भारतीय प्रबंधन संस्थानों में किया शोध पत्रों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण
पूरनपुर(पीलीभीत)। पूरनपुर के ब्लॉक रोड स्थित मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी निवासी डॉ. कपिल देव पाण्डेय ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रबंधन संस्थानों में अपने शोध कार्यों का सफलतापूर्वक प्रस्तुतीकरण कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। डॉ. कपिल ने 27 से 29 नवंबर 2025 के मध्य भारतीय प्रबंधन संस्थान, रांची द्वारा आयोजित दसवें पैन आईआईएम विश्व प्रबंधन सम्मेलन 2025 में अपना शोध पत्र “वैश्विक सीमा शुल्क युद्धों का औषधि कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव: भारत में सक्रिय औषधि घटक एवं सूक्ष्म रसायन आयात का अध्ययन” प्रस्तुत किया।इसके अतिरिक्त, उन्होंने 21-22 जनवरी 2026 को भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग में आयोजित आईमार्क–पाँच विपणन सम्मेलन में अपना दूसरा शोध पत्र “व्यापार युद्धों एवं भू-राजनीतिक तनावों के परिप्रेक्ष्य में वैश्विक औषधि आपूर्ति श्रृंखला का पुनर्गठन: चुनौतियां एवं अवसर” प्रस्तुत कर शैक्षणिक जगत में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इससे पूर्व वर्ष 2021 में, एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा से शोध उपाधि (पीएचडी) यात्रा के दौरान, डॉ. कपिल ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, बोध गया में अपना शोध पत्र “औषधि कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला में इंडेंटिंग अभिकर्ताओं की भूमिका एवं प्रभाव का अनुभवजन्य मूल्यांकन” भी प्रस्तुत किया था। उनके नाम एक पेटेंट (स्वामित्व अधिकार) भी पंजीकृत है।डॉ. कपिल देव पाण्डेय के अब तक स्कोपस, वेब ऑफ साइंस एवं एबीडीसी सूचीबद्ध शोध पत्रिकाओं में चार शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि एक शोध पत्र प्रकाशनाधीन है। हाल ही में उन्होंने शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित मालवीय मिशन योजना के अंतर्गत भारतीय प्रबंधन संस्थान, सिरमौर में आयोजित मृदा विज्ञान (पेडोलॉजी) कार्यशाला में भी सहभागिता की।वर्तमान में डॉ. कपिल अंतरराष्ट्रीय विपणन प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे पंजाबी कॉलोनी निवासी डॉ. राजेंद्र कुमार पाण्डेय के सुपुत्र एवं पूर्ववर्ती मोहल्ला चौक निवासी स्वर्गीय डॉ. सोम देव शर्मा के सुपौत्र हैं। उनकी इस शैक्षणिक एवं शोध उपलब्धि पर नगरवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है।




