पांच दिन बाद शुरु हुई चीनी मिल, तौल को लेकर किसानों का हंगामा

पांच दिन बाद शुरु हुई चीनी मिल, तौल को लेकर किसानों का हंगामा
हाईवे पर जाम, धर्म कांटे पर हंगामा, पुतला दहन के बाद दबाव में चली मिल
पूरनपुर,पीलीभीत।बॉयलर खराबी के चलते लगातार पांच दिनों तक बंद रही पूरनपुर स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल आखिरकार शनिवार तड़के सुबह 3 बजे चालू तो हो गई, लेकिन किसानों की परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ गई। मिल बंद रहने से हाईवे से लेकर मिल यार्ड तक गन्ना लदे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे हालात बेकाबू हो गए। मिल शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद सुबह 10 बजे गन्ना तौल को लेकर धर्म कांटे पर जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया। गेट पर डटे किसानों ने पहले गन्ना तौलने की मांग की, वहीं सेंटरों से आए ट्रक संचालक भी अपनी बारी पहले लगवाने पर अड़ गए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति संभालने पहुंचे चीफ केन ऑफिसर (सीसीओ) भी विवाद शांत कराने में नाकाम रहे और घंटों चले हंगामे के बाद मौके से चले गए। काफी मशक्कत के बाद गेट पर मौजूद 15 किसानों की ट्रालियों और सेंटर से आए एक ट्रक की तौल पर सहमति बनने के बाद मामला किसी तरह दो घंटे बाद विवाद शांत हो सका। इससे पहले शुक्रवार को चीनी मिल बंद रहने से नाराज़ किसानों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा था। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के नेतृत्व में किसानों ने चीनी मिल गेट पर गन्ना आयुक्त बरेली का पुतला दहन कर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, गन्ना आयुक्त, जिला गन्ना अधिकारी (डीसीओ) और सीसीओ के खिलाफ तीखी नारेबाजी की गई। भाकियू टिकैत गुट के प्रदेश सचिव स्वराज सिंह ने कहा कि हर साल पेराई सत्र में चीनी मिल की तकनीकी खामियां सामने आती हैं, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी बॉयलर खराब होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। स्वराज सिंह ने कहा कि पेराई सत्र की शुरुआत में जनप्रतिनिधि केवल पटल पूजन और फोटो खिंचवाने तक सीमित रहते हैं, लेकिन जब किसानों पर संकट आता है, तब कोई भी जिम्मेदारी लेने सामने नहीं आता। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि गन्ना पेराई और तौल व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।




