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धान खरीद में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका, पीलीभीत के 6 क्रय केंद्रों पर कागजों में हजारों कुंतल धान, डीएम की सख्ती, दो दिन में भौतिक सत्यापन रिपोर्ट तलब

धान खरीद में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका, पीलीभीत के 6 क्रय केंद्रों पर कागजों में हजारों कुंतल धान, डीएम की सख्ती, दो दिन में भौतिक सत्यापन रिपोर्ट तलब

पीलीभीत। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में धान खरीद के दौरान जिले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका गहराती जा रही है। सरकारी अभिलेखों में भारी मात्रा में धान अवशेष दर्शाया गया है, जबकि कई क्रय केंद्रों पर मौके पर धान उपलब्ध न होने की शिकायतें सामने आई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी पीलीभीत ने जिले के 6 धान क्रय केंद्रों पर अवशेष धान का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश जारी किए हैं। 30 दिसंबर एवं संभागीय खाद्य नियंत्रण बरेली संभाग बरेली के कार्यालय दिनांक 14 जनवरी के द्वारा प्रेषित पत्र के क्रम में जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार 23 दिसंबर 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि कुछ क्रय केंद्रों पर असामान्य रूप से अधिक मात्रा में धान स्टॉक दिखाया गया है। इसी के आधार पर अब केंद्रवार धान की उपलब्धता की जांच कराई जा रही है। जांच टीम में एसडीएम, मंडी सचिव और जिला प्रबंधक शामिल हैं।भौतिक सत्यापन के आदेश जारी होते ही धान खरीद से जुड़ी सहकारी समितियों, क्रय केंद्र प्रभारियों और एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पहले से ही धान खरीद को लेकर चल रहे विवादों के बीच यह कार्रवाई प्रशासन की अब तक की सबसे सख्त पहल मानी जा रही है। धान खरीद में पारदर्शिता और सरकारी धन की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर अब किसानों से लेकर शासन तक की नजरें टिकी हुई हैं। सत्यापन रिपोर्ट के बाद बड़ा खुलासा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।

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इन केंद्रों पर कागजों में दर्शाई गई धान की मात्रा

प्रशासनिक आदेश के अनुसार जिन क्रय केंद्रों पर भौतिक सत्यापन कराया जाना है, वहां कागजों में दर्शाई गई धान की उपलब्धता इस प्रकार है—

बीपैक्स लिमिटेड टोंडरपुर, पीलीभीत मंडी-9 कागजों में उपलब्ध धान – 897.12 मीट्रिक टन (लगभग 8971 कुंतल)

KUSB लिमिटेड, पीलीभीत मंडी-3 कागजों में उपलब्ध धान – 885.52 मीट्रिक टन (लगभग 8855 कुंतल)

जिला सहकारी विकास संघ लिमिटेड, मंडी प्रथम कागजों में उपलब्ध धान – 890 मीट्रिक टन (लगभग 8900 कुंतल)

उपसहकारी एवं कृषि विपणन लिमिटेड, पूरनपुर मंडी प्रथम कागजों में उपलब्ध धान – 948.44 मीट्रिक टन (लगभग 9484 कुंतल)

सेहरामऊ नॉर्थ जोगराजपुर सहकारी संघ लिमिटेड, पूरनपुर कागजों में उपलब्ध धान – 942.52 मीट्रिक टन (लगभग 9425 कुंतल)

बीपैक्स मधोटांडा, पूरनपुर मंडी-4 कागजों में उपलब्ध धान – 898.88 मीट्रिक टन (लगभग 8989 कुंतल)

इन केंद्रों पर कुल मिलाकर करीब 5,462 मीट्रिक टन (54 हजार कुंतल से अधिक) धान का अवशेष कागजों में दर्ज है, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। इसके अलावा पूरनपुर के अन्य केंद्रो पर कागजों में हजारों कुंटल धान चढ़ाया गया है लेकिन मौके पर धान उपलब्ध नहीं है।

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एसडीएम सहित अन्य अफसरों को सौंपी गई जिम्मेदारी

जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने संबंधित उपजिलाधिकारी, मंडी सचिव और संबंधित एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने नाम के सम्मुख दर्शाए गए क्रय केंद्रों पर पहुंचकर धान की वास्तविक उपलब्धता का भौतिक सत्यापन करें। सभी अधिकारियों को दो दिन के भीतर सत्यापन रिपोर्ट जिला खाद्य विपणन अधिकारी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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गड़बड़ी मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

यदि सत्यापन में यह पाया जाता है कि धान मौके पर उपलब्ध नहीं है या खरीद केवल कागजों में दिखाई गई है, तो संबंधित केंद्र प्रभारी, एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें रिकवरी, निलंबन और एफआईआर तक की कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

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