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दो सगे भाइयों की मौत से उजड़ा परिवार, आंसुओं में डूबा जोगराजपुर
हाईवे पर हादसे ने छीनी दो जिंदगियां, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मौत -जिंदगी से अस्पताल में जंग लड़ रहे घायल

हाईवे पर हादसे ने छीनी दो जिंदगियां, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
गढ़वाखेड़ा क्षेत्र में बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे गोलगप्पे की दुकान के पास खड़े लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस नें तत्काल राहत बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस नें राहगीरों की मदद से घायलों को बमुश्किल बाहर निकाला। वही प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में 6 से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अस्पताल में जानें के बाद एक घायल व्यक्ति को डॉक्टरों नें मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद मृतक के सगे भाई नें भी दम तोड़ दिया। हादसे में दो सगे भाइयों की मौत के बाद परिजनों में मातम का माहौल है।पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के पूरनपुर खुटार आसाम हाइवे पर गढ़वाखेड़ा में हुए भीषण सड़क हादसे ने सिर्फ दो जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि एक पूरे परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी। थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांव जोगराजपुर निवासी मोहम्मद वक्स और उनके छोटे भाई मोहम्मद अजीम की एक ही दिन दर्दनाक मौत के बाद परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में हर कोना सिसकियों से गूंज रहा है और मातम का माहौल है।मोहम्मद वक्स और मोहम्मद अजीम दोनों ही मेहनतकश और जिम्मेदार इंसान थे। कपड़े के व्यवसाय से जुड़े दोनों भाई अपने परिवार की रोजी-रोटी चलाते थे। घर की जिम्मेदारियां इन्हीं कंधों पर थीं। बुधवार को जब दोनों भाई काम निपटाकर बच्चों के साथ नाश्ता करने रुके थे, तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह उनका आखिरी साथ होगा। सड़क हादसे ने चंद पलों में परिवार से उसके दो मजबूत सहारे छीन लिए।हादसे की खबर जैसे ही गांव जोगराजपुर पहुंची, पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। परिजन जब जिला अस्पताल पहुंचे तो एक भाई की मौत की खबर से संभले भी नहीं थे कि दूसरे भाई के भी दुनिया छोड़ने की सूचना मिल गई। मां-बाप पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि उन्हें संभालना मुश्किल हो गया। भाई-बहनों, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम बच्चे बार-बार अपने पिता को पुकारते नजर आए, लेकिन जवाब देने वाला अब कोई नहीं है।परिवार की आर्थिक स्थिति भी इस हादसे के बाद गहरे संकट में आ गई है। जिन हाथों से घर चलता था, वही हाथ हमेशा के लिए थम गए। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है। हर आंख नम है और हर जुबान पर बस यही सवाल है कि आखिर इस परिवार की गलती क्या थी।गांव के लोगों का कहना है कि मोहम्मद वक्स और मोहम्मद अजीम मिलनसार और नेक दिल इंसान थे। जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। आज उनके अचानक चले जाने से गांव ने अपने दो अच्छे इंसान खो दिए हैं।परिजन प्रशासन से न्याय और आर्थिक सहायता की गुहार लगा रहे हैं, ताकि बच्चों के भविष्य को किसी तरह संभाला जा सके। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी पीड़ा बनकर रह गया है।




