राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: गौहनिया चौराहे पर अनोखा जागरूकता अभियान, गुलाब व स्टीकर से दिया गया जीवन रक्षा का संदेश

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह: गौहनिया चौराहे पर अनोखा जागरूकता अभियान, गुलाब व स्टीकर से दिया गया जीवन रक्षा का संदेश
पीलीभीत। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने एवं आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जनपद के सबसे व्यस्ततम गौहनिया चौराहे पर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसने राहगीरों और वाहन चालकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक यातायात विधि भूषण मौर्य, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी वीरेंद्र सिंह, यात्रीकर/मालकर अधिकारी बर्डिस चतुर्वेदी तथा यातायात पुलिस निरीक्षक राघवेंद्र सिंह चौहान सहित यातायात पुलिस व परिवहन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने दो पहिया एवं चार पहिया वाहन चालकों को रोक-रोककर यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया।

अभियान के दौरान बिना हेलमेट लगाए दो पहिया वाहन चला रहे चालकों को रोककर उन्हें एक विशेष स्टीकर दिखाया गया, जिस पर लिखा था— “मुझे मेरे परिवार की कोई चिंता नहीं है, इसलिए मैं हेलमेट नहीं लगाता हूं।”इस स्टीकर को वाहन चालक से पढ़वाते हुए अधिकारियों ने उसके भावनात्मक महत्व को समझाया और बताया कि हेलमेट न पहनना केवल चालक के लिए ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार के लिए खतरा बन सकता है। इसके पश्चात उक्त स्टीकर को उनके दो पहिया वाहन पर चिपकाया गया, ताकि संदेश लंबे समय तक याद बना रहे। वहीं दूसरी ओर, हेलमेट पहनकर नियमों का पालन कर रहे दो पहिया वाहन चालकों को रोककर गुलाब का फूल भेंट कर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने ऐसे चालकों की सराहना करते हुए उनसे अपील की कि वे अपने मित्रों, परिजनों एवं आसपास के लोगों को भी वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि यह छोटी-सी सावधानी कई जिंदगियों को बचा सकती है। इसी क्रम में चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट लगाकर चल रहे चालकों को भी गुलाब का फूल देकर प्रोत्साहित किया गया। बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चला रहे चालकों को रोककर उन्हें सीट बेल्ट की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया गया और समझाया गया कि दुर्घटना की स्थिति में सीट बेल्ट किस प्रकार से गंभीर चोटों और जान के नुकसान से बचाव करती है। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि चार पहिया वाहन में यात्रा के दौरान सीट बेल्ट लगाना केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि स्वयं और परिवार की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से इस जागरूकता अभियान के दौरान 15 ट्रैक्टर-ट्रालियों पर रिफ्लेक्टिव टेप भी लगाए गए, जिससे रात्रि के समय वाहनों की दृश्यता बढ़े और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। अंत में यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करते हुए हेलमेट, सीट बेल्ट एवं अन्य सुरक्षा उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और अनमोल जीवन सुरक्षित रह सके।




