उर्स-ए-कासमी को लेकर निकला चादरों का जुलूस उलेमाओं
उर्स ए कासमी 14 नवंबर को शुरू होकर 16 नवंबर को कुल शरीफ के साथ होगा समापन

उर्स-ए-कासमी को लेकर निकला चादरों का जुलूस
उलेमाओं ने तकरीर के जरिए इल्म हासिल करने पर जोर
उर्स ए कासमी 14 नवंबर को शुरू होकर 16 नवंबर को कुल शरीफ के साथ होगा समापन
पूरनपुर,पीलीभीत।मारहरा शरीफ में होने उर्स ए कासमी वाले सैलाबी उर्स में देश के अमन व चैन की दुआ लेकर बरकाती चादर को रवाना किया गया।इस पाक चादर को नगर की गलियों में घुमाकर सभी को इसके दीदार कराए गए। इस उपलक्ष्य में इमामों ने मारहरा शरीफ व बुजुर्गों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।नगर के मोहल्ला रजागंज के जामिया गरीब नबाज दुखतराने मदरसे से मारहरा शरीफ के लिए चादर का जुलूस निकाला गया।इसका आगाज कुरान की तिलावत के साथ किया गया।इसमें मस्जिदों के उलेमाओं ने तकरीरे पेश की और नात मनकबत पढ़ी गई।उलेमाओं ने तकरीर के जरिए इल्म हासिल करने पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में मुसलमानों की हालात काफी नाजुक है जिसकी वजह तालीम से मुंह मोड़ना है। दीने इस्लाम की पहचान को दहशतगर्द मिटाना चाहते है लेकिन इस्लाम अमन और मौहब्बत का पैगाम देता है।इस दौरान मौलाना याकूब बरकाती व शकील बरकाती ने मारहरा शरीफ व बुजुर्गों के बारे में विस्तार से लोगों को जानकारी दी।यह जुलूस स्टेशन रोड से होते हुए रजा चौक व बैंड वाली गली से होकर वापस जामिया में पहुंचा।जुलूस की सरपरस्ती मो०शकील बरकाती नगर की जामा मस्जिद के नायब हाफिज मो०नदीम बरकाती ने की कहा कि यह चादर मारहरा शरीफ में उसें कासमी बरकाती में सज्जादा नशीन प्रोफेसर सैय्यद अमीन मियां व हजरत सैय्यद नजीब हसन मियां की सरपरस्ती में आला हजरत के पीरो मुर्शीद आले रसूल मारहवी व अन्य सूफी सन्तों की मजारों पर पेश की जाएगी। शकील बरकती ने बताया उर्स ए कासमी 14 नवंबर से शुरू होगा और 16 नवंबर को आखिरी कुल शरीफ के बाद समापन हो जाएगा।इस दौरान पुलिस बल मौजूद रहा।इस मौके पर शकील बरकाती,हाफिज नदीम रजा,मौलाना याकूब बरकाती, नादिर बरकाती मो०शकील बिलाल रजा,आरिफ रजा, नदीम बरकाती, फिरोज, जुनैद शेरी,मीनू बरकाती, मोहम्मद जमील,तौफीक कादरी,फरमान,नोमान वारसी, मौलाना अलीजान, हाफिज कमर,हाफिज सराफत, हाफिज फिरोज, मोहसिन रजा,सहित कई लोग शामिल रहे।




