महिला जिलाध्यक्ष बिन्दु सिंह ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, अनैतिक गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग

महिला जिलाध्यक्ष बिन्दु सिंह ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, अनैतिक गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग
डीएम से अवैध प्रतिष्ठानों की जांच और सीसीटीवी अनिवार्यता की मांग
पीलीभीत।जनपद में बढ़ रहे अवैध रेस्टोरेंटों और स्पा सेंटरों में हो रही अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर महिला जिलाध्यक्ष बिंदु सिंह ने मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में ऐसे प्रतिष्ठानों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है जो बिना अनुमति या पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं।ज्ञापन में कहा गया है कि जिले में अनेक स्थानों पर बिना वैध अनुमति और पंजीकरण के रेस्टोरेंट एवं स्पा सेंटरों का संचालन किया जा रहा है, जो प्रायः एकांत और गुप्त स्थानों पर स्थित हैं। इन स्थानों पर प्रशासनिक निगरानी मुश्किल होने के कारण कई अनैतिक और आपराधिक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। महिला जिलाध्यक्ष ने कहा कि कई रेस्टोरेंटों में “कैबिन सिस्टम” चलाया जा रहा है, जिनका उपयोग अनुचित कार्यों के लिए किया जाता है। वहीं, कई स्पा सेंटर नाम मात्र के लिए पंजीकृत हैं, जबकि वास्तविकता में वहाँ देह व्यापार और अशोभनीय कृत्य किए जा रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ रेस्टोरेंटों और स्पा सेंटरों का उपयोग लव जिहाद जैसी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जहाँ भोली-भाली युवतियों को बहला-फुसलाकर फंसाया जा रहा है। यह स्थिति न केवल महिला सुरक्षा बल्कि जिले की सामाजिक मर्यादा और शांति व्यवस्था के लिए भी खतरा बन चुकी है। बिंदु सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अनैतिक कृत्यों और लव जिहाद के खिलाफ सख्त निर्देश दिए गए हैं, फिर भी स्थानीय स्तर पर इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की वैधता, पंजीकरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों की जांच कराई जाए तथा जो बिना अनुमति संचालित हों, उन्हें तत्काल बंद कराया जाए। संगठन ने मांग की कि रेस्टोरेंटों में कैबिन सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, स्पा सेंटरों में सीसीटीवी कैमरे और विज़िटर रजिस्टर अनिवार्य किए जाएँ। साथ ही, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर औचक निरीक्षण कराए जाएँ। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि रेस्टोरेंटों और स्पा सेंटरों के आसपास रहने वाले नागरिकों ने भी इन गतिविधियों से परेशान होकर संगठन से संपर्क किया है और प्रशासन से कठोर कार्रवाई की गुहार लगाई है। महिला जिलाध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि जिलाधिकारी के प्रभावी नेतृत्व में प्रशासन शीघ्र ही ऐसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाकर महिला सुरक्षा और सामाजिक मर्यादा को सुदृढ़ करेगा।




