रिमझिम बारिश से किसानों की बड़ी मुसीबत, गेहूं की बुवाई पर संकट के बादल

रिमझिम बारिश से किसानों की बड़ी मुसीबत, गेहूं की बुवाई पर संकट के बादल
पूरनपुर,पीलीभीत।जिले में सोमवार और मंगलवार को हुई रिमझिम बेमौसम बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। खेतों में पहले से की गई सिंचाई और तैयार जुताई के बाद किसान गेहूं की बुवाई शुरू करने की तैयारी में थे, लेकिन लगातार हो रही हल्की बारिश से खेतों में नमी अधिक हो गई है, जिससे बुवाई कार्य कुछ दिनों तक टलने की संभावना बन गई है।किसानों का कहना है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो गेहूं की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह की बजाय अब कुछ दिनों की देरी से शुरू हो सकेगी। वहीं जिन किसानों ने हाल ही में आलू की फसल लगाई है, उन्हें भी नुकसान का डर सता रहा है। लगातार गीली मिट्टी से आलू की फसल सड़ने का खतरा बढ़ गया है।किसानों की चिंता और उम्मीद दोनों बरकरार किसानों ने बताया कि गेहूं की बुवाई के लिए खेत पूरी तरह तैयार थे, सिंचाई भी पूरी कर ली गई थी। लेकिन रिमझिम बारिश ने उनकी योजना बिगाड़ दी। वहीं कुछ किसानों ने कहा कि इस बारिश से गन्ने और सरसों जैसी फसलों को हल्का लाभ मिला है, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहेगी और अगली फसलों के लिए फायदा हो सकता है।मुकेश किसान ने बताया हमने खेतों की जुताई पूरी कर ली थी, बस बुवाई शुरू करनी थी। बारिश ने सब रोक दिया।किसानो बताया आलू की फसल लगाई थी, अब पानी भरने से नुकसान का डर है। मिट्टी बहुत गीली हो गई है।मनोज ने बताया बारिश से गन्ने की फसल को तो थोड़ा फायदा हुआ है, लेकिन गेहूं की बुवाई पर असर पड़ेगा।”मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार आगामी दो दिनों तक हल्की रिमझिम बारिश की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बुवाई कार्य कुछ दिनों के लिए टाल दें और खेतों की नमी संतुलित होने के बाद ही बुवाई शुरू करें।बेमौसम रिमझिम बारिश ने जहां एक ओर किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, वहीं दूसरी ओर कुछ फसलों को जीवनदान भी दिया है। अब किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं कि कब मौसम साफ हो और वे अपने खेतों में फिर से मेहनत की गाड़ी आगे बढ़ा सकें।




