किसान है देश की रीढ़,एमएसपी बने कानूनी अधिकार: पूरनपुर जनसभा में बीएम सिंह का ऐलान

किसान है देश की रीढ़,एमएसपी बने कानूनी अधिकार: पूरनपुर जनसभा में बीएम सिंह का ऐलान
सरदार बीएम सिंह बोले एमएसपी कानून बने तो ही सुरक्षित होगा किसान का भविष्य
डॉ. रिचा सिंह बोलीं:किसान केवल अन्नदाता नहीं, राष्ट्र निर्माता हैं
पूरनपुर,पीलीभीत।,मंडी समिति परिसर रविवार को किसानों के जोश और एकजुटता का साक्षी बना, जब राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले “25 साल बेमिसाल – देश का प्रथम एमएसपी आंदोलन” के नाम से एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों किसान, कार्यकर्ता और संगठन पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में किसानों की आर्थिक स्थिति, सरकारी नीतियों और न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी
को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और किसान एकता के नारों के साथ हुआ। मंडी समिति परिसर में सुबह से ही किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। आयोजन स्थल पर दूरदराज के ग्रामीण अंचलों से आए किसानों ने झंडे-बैनर के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। मंच पर पहुंचने पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का फूलमालाओं से जोरदार स्वागत किया गया।इस मौके पर प्रमुख अतिथियों में वरिष्ठ किसान नेता सरदार गुरमुख सिंह, अन्नदाता किसान यूनियन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रिचा सिंह, अकबर डंपी, यूसुफ मलिक, बलवीर यादव, हरेंद्र चौधरी सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी नेताओं ने किसान आंदोलन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए भविष्य की रणनीति पर विचार रखा।जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है, और जब तक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का वैधानिक अधिकार नहीं मिलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।डॉ. रिचा सिंह ने अपने संबोधन में कहा एमएसपी केवल एक भाव नहीं, यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। जो किसान देश का पेट भरता है, उसके हिस्से में असुरक्षा और घाटा क्यों?वरिष्ठ नेता सरदार गुरमुख सिंह ने कहा किसानों के संघर्ष की यह 25 साल की यात्रा केवल आंदोलन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की यात्रा है। आज जब हम पीछे देखते हैं, तो गर्व होता है कि हमने देश में एमएसपी की आवाज को जन-जन तक पहुँचाया।दोपहर करीब 1:35 बजे, जब राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रमुख नेता सरदार बीएम सिंह कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, तो पूरा परिसर “किसान एकता जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। किसानों ने तालियों और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया।
अपने जोशीले संबोधन में बीएम सिंह ने कहा किसान देश की रीढ़ है, और जब रीढ़ मजबूत नहीं होगी तो देश भी नहीं टिकेगा। सरकार को चाहिए कि वह तुरंत
एमएसपी को कानूनी गारंटी दे, ताकि किसानों को उनका उचित मूल्य मिल सके। हमने 25 साल संघर्ष किया है, और जब तक हर खेत को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन रुकेगा नहीं।उन्होंने आगे कहा कि किसान आंदोलन की यह लड़ाई केवल किसानों की नहीं, बल्कि देश के भविष्य की है।जनसभा के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था भी सुदृढ़ रही। पूरनपुर पुलिस बल ने मंडी समिति परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा बनाए रखा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआय़कार्यक्रम के समापन अवसर पर किसानों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे एमएसपी को लेकर देशव्यापी अभियान को और तेज़ करेंगे। आने वाले महीनों में जिला और तहसील स्तर पर जागरूकता सभाएं आयोजित की जाएंगी।संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रिचा सिंह ने कहा कि अब समय आ गया है कि किसान केवल फसलों की खेती नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की फसल भी उगाएँ।कार्यक्रम के अंत में किसान एकता गीत और “जय जवान जय किसान” के नारों के साथ जनसभा का समापन हुआ।




