दहेज में बोलेरो न मिलने पर नवविवाहिता की हत्या, सात महीने पहले ही बसी थी नई जिंदगी
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

पति समेत छह पर हत्या का आरोप, पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
दियोरिया, पीलीभीत।
संदिग्ध परिस्थितियों में नवविवाहिता की मौत हो गई। घटना की जानकारी लगते गांव में सनसनी फ़ैल गई। सूचना पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने दहेज हत्या का आरोप लगाकर जमकर हंगामा काटा। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। फ़ारेसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाएं। इसके बाद पुलिस ने मृतिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता की तहरीर पुलिस ने पति समेत 6 लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। दियोरिया कला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पकड़िया बिन्दुआ में दहेज के लिए नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में सनसनी फ़ैल गई। शाहजहाँपुर जिले के सिधौली थाना क्षेत्र के पनवाडी निवासी रामबाबू ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि उन्होंने ने अपनी बेटी ज्योति शुक्ला की शादी 6 फ़रवरी 2025 को दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के गांव पकड़िया बिंदुआ निवासी निखिल शुक्ला के साथ हिन्दू रीति रिवाज से की थी। शादी में अपनी हैसियत के अनुसार लगभग 12 लाख रुपये खर्च किए थे। फिर भी ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और बोलेरो गाड़ी की मांग करने लगा।आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी पुत्री को लगातार प्रताड़ित किया जाता था। परिवार की मजबूरी को देखते हुए उन्होंने छह बीघा जमीन बेचकर बोलेरो गाड़ी के लिए पैसे जुटाने की कोशिश शुरू की थी। इसी दौरान दामाद निखिल ने फोन कर तत्काल पैसे भेजने की बात कही। तभी मृतिका के भाई शोभित अवस्थी ने अपने खाते से 10 हजार रुपये ऑनलाइन भेजकर कहा कि गाडी बुक करा लो और बाकी रकम जल्द ही देने की बात कही। लेकिन ससुराल वाले संतुष्ट नहीं हुए। आरोप है कि बोलेरो गाडी की मांग पूरी न होने की खातिर 12 अक्टूबर 2025 को ससुराल पक्ष के पति निखिल शुक्ला, अनिल शुक्ला, रेनू देवी, आदर्श शुक्ला उर्फ अटल, डाली और आशीष शुक्ला ने मिलकर ज्योति की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतिका के भाई शोभित ने बताया कि रविवार रात 12 बजे बहन की ससुराल वालों ने फोन पर सूचना दी कि आपकी बहन ज्योति ने फांसी लगा ली है, उसको बचने की उम्मीद से बीसलपुर के अस्पताल ले गए बहां डाक्टरों ने मना कर दिया फिर बरेली लेकर गए। बहां भी दो अस्पतालों में मना कर दिया फिर घर ले आए। मृतिका के परिजनों के अनुसार ज्योति की ससुराल पक्ष के लोग रात भर गुमराह करते रहे और सुबह जब परिजन मौके पर पहुंचे, तब उन लोगों ने ज्योति को मृत अवस्था में पाया। घर में ज्योति का शव पड़ा देख मायके पक्ष वाले दहाड़े मार -मार कर रोने भी लिखने लगे। और ससुराल वालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया। मृतिका के मायके पक्ष के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार अवधेश कुमार,दियोरिया कोतवाली प्रभारी दिगम्बर सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। घटना स्थल का मौका मुआयना करने के बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पिता की तहरीर पर पति निखिल शुक्ला, ससुर,अनिल शुक्ला,सांस रेनू, आदर्श, शुक्ला उर्फ़ अटल, डाली,आशीष शुक्ला के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।




