यूपी

बे-मौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़ी, चटाई की तरह खेतों में बिछी फसल

सरकारी खरीद केंद्रों की व्यवस्था धराशाई, मिलर उठा रहे किसानों की मजबूरी का फायदा

बे-मौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़ी, चटाई की तरह खेतों में बिछी फसल

सरकारी खरीद केंद्रों की व्यवस्था धराशाई, मिलर उठा रहे किसानों की मजबूरी का फायदा

पीलीभीत। जनपद में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बे-मौसम बरसात और तेज़ हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पूरनपुर और कलीनगर तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में धान की फसल खेतों में बिछ गई है। जगह-जगह फसलें चटाई की तरह ज़मीन से लग गईं, जिससे कटाई और उठान दोनों में भारी दिक्कतें आने लगी हैं। धान के पौधे गिर जाने से नमी बढ़ गई है, जिसके कारण कटाई के बाद फसल सुखाने में अधिक समय लग रहा है। किसान दिन-रात खेतों में जुटे हैं, लेकिन लगातार बादल और नमी ने उनकी मेहनत को चुनौती में बदल दिया है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द नहीं सुधरा तो उत्पादन में भारी कमी आ सकती है। पूरनपुर ब्लॉक के मुझा, रघुनाथपुर, भगबंतापुर, लोधीपुर, औरंगाबाद सहित कई गांवों में किसानों ने बताया कि धान की फसल लगभग तैयार थी, लेकिन तेज़ हवा और बारिश ने पूरा खेत बिछा दिया। “साल भर की मेहनत का फल अब संकट में है,” किसान राजवीर सिंह ने बताया। वहीं, कलीनगर क्षेत्र में भी यही हालात हैं। कुछ किसानों ने कहा कि खेतों में पानी भर जाने से फसल में सड़न शुरू हो गई है। अन्नदाता किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव बलजिंदर सिंह ने बताया उनकी लगभग 12 एकड़ से अधिक धान की फसल खेतों में चटाई की तरह बिछी है। बे मौसम बरसात से उनका काफी नुकसान हुआ है। समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति क्विंटल तय होने के बावजूद कई निजी खरीदार खुलेआम 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीद रहे हैं। सरकारी खरीद केंद्रों पर अव्यवस्था के चलते उन्हें औने-पौने दाम पर अपना अनाज बेचना पड़ रहा है।

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