ईशा राठौर एक दिन की बनीं एसडीएम मिशन शक्ति 5.0 के तहत मिला प्रशासनिक दायित्व

ईशा राठौर एक दिन की बनीं एसडीएम मिशन शक्ति 5.0 के तहत मिला प्रशासनिक दायित्व
पूरनपुर,पीलीभीत।आर.एस. आर.डी. सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पूरनपुर की होनहार छात्रा ईशा राठौर को एक अनोखा अनुभव प्राप्त किया जब उन्होंने एक दिन के लिए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) का दायित्व संभाला।यह अवसर उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के “मिशन शक्ति 5.0” अभियान के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण एवं बालिकाओं में प्रशासनिक चेतना जागरण के उद्देश्य से प्रदान किया गया।पूरनपुर के उप जिलाधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने ईशा राठौर का स्वागत फूलों का गुलदस्ता भेंट कर किया। इस दौरान उन्होंने छात्रा को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराया तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।एक दिन की एसडीएम” के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद ईशा राठौर ने उप जिलाधिकारी कार्यालय में बैठकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं।उन्होंने पूरनपुर एवं ग्राम मुजफ्फरनगर से आए फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनकर संबंधित विभागों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।उन्होंने कार्यालय के महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया तथा प्रशासनिक अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के दिशा-निर्देश भी जारी किए।
फरियादियों के कई प्रार्थना पत्रों पर निर्णय लेते हुए उन्होंने बताया कि प्रशासन का कार्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है, और यही एक अधिकारी का सबसे बड़ा दायित्व है।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय गौड़ एवं शिक्षिका श्रीमती अंशु वर्मा भी उपस्थित रहीं।प्रधानाचार्य गौड़ ने कहा कि ईशा की यह उपलब्धि न केवल विद्यालय के लिए गर्व की बात है, बल्कि अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।मिशन शक्ति 5.0” के तहत बालिकाओं को समाज में नेतृत्व, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासनिक कार्य का अनुभव देकर यह प्रयास किया जा रहा है कि बेटियां आने वाले समय में शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हों।उद्देश्य महिला सुरक्षा, स्वावलंबन व नेतृत्व को प्रोत्साहन विशेष गतिविधि एक दिन की एसडीएम बनना चयनित छात्रा ईशा राठौर, आर.एस.आर.डी. सरस्वती विद्या मंदिर अधिकारी जिन्होंने स्वागत किया अजीत प्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी पूरनपुर विद्यालय प्रतिनिधि प्रधानाचार्य अजय गौड़, शिक्षिका अंशु वर्मापूरनपुर की ईशा राठौर ने यह सिद्ध किया कि अगर अवसर मिले तो बेटियां भी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभा सकती हैं। मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रम नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम हैं।




