रायपुर बिचपुरी सोसाइटी पर किसानों का आरोप सचिव अपनी पसंद से कर रहे डीएपी खाद वितरण

रायपुर बिचपुरी सोसाइटी पर किसानों का आरोप सचिव अपनी पसंद से कर रहे डीएपी खाद वितरण
गोरा,पीलीभीत।थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र।गेहूं की बुवाई से पहले ही डीएपी खाद के लिए किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कजरी निरंजनपुर स्थित रायपुर बिचपुरी सोसाइटी में किसानों को समय पर खाद न मिलने से आक्रोश उभर आया है। सोमवार को सुबह से ही सैकड़ों किसान अपनी ट्रॉलियों के साथ लाइन में खड़े नजर आए, लेकिन कई घंटे इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।किसानों का कहना है कि रायपुर बिचपुरी सोसाइटी के सचिव द्वारा डीएपी खाद का वितरण मनमर्जी से किया जा रहा है।लाइन में घंटों खड़े रहने के बावजूद जरूरतमंद किसानों को खाद नहीं दी जा रही, जबकि कुछ लोगों को — जिनके नाम पर खेती की जमीन तक नहीं है ट्रॉली भर-भरकर डीएपी खाद दी जा रही है।सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन सचिव अपने चहेतों को पहले खाद दे रहे हैं। जिनके पास खेत नहीं, उन्हें ट्रॉली भरकर खाद मिल रही है। स्थानीय किसान का आरोप रायपुर बिचपुरी सोसाइटी पर पहुंचे दर्जनों किसान निराश होकर लौटे। किसानों ने बताया कि सचिव की मनमानी के चलते वास्तविक किसानों को खाद नहीं मिल पा रही, जिससे गेहूं की बुवाई का समय निकलता जा रहा है।सैकड़ों किसानों ने कहा कि खेतों की मिट्टी सूख रही है, फसल की तैयारी अटक गई है और उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।हम सुबह से लाइन में हैं, लेकिन सचिव कुछ चुनिंदा ट्रॉलियों में खाद भरवा रहे हैं। प्रशासन को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।जैसे-जैसे धान की कटाई पूरी हो रही है, किसानों ने गेहूं की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए डीएपी खाद की भारी मांग है।लेकिन वितरण में अनियमितता और सामाजिक- पक्षपात के आरोप ने किसानों को परेशान कर दिया है।किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो बुवाई में देरी होने से उत्पादन प्रभावित होगा और उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रायपुर बिचपुरी सोसाइटी के खाद वितरण की जांच कराई जाए, ताकि असली किसानों को उनका हक मिल सके।स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से धरना देने को बाध्य होंगे।




