पीलीभीत टाइगर रिजर्व में डेमोइज़ेल क्रेन का आगमन, आसमान में दिखा अद्भुत नज़ारा

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में डेमोइज़ेल क्रेन का आगमन, आसमान में दिखा अद्भुत नज़ारा
पीलीभीतपीलीभीत टाइगर रिजर्व के आसमान में शुक्रवार की सुबह एक मनोहारी दृश्य देखने को मिला, जब हजारों की संख्या में डेमोइज़ेल क्रेन का झुंड वनों के ऊपर से उड़ान भरता हुआ दिखाई दिया। पक्षी प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए यह घटना बेहद रोमांचक रही।डेमोइज़ेल क्रेन साइबेरिया, मंगोलिया और मध्य एशिया से लंबी दूरी तय करते हुए भारत व अफ्रीका की ओर प्रवास करने वाला दुर्लभ प्रवासी पक्षी है। प्रवास के दौरान यह अल्प अवधि के लिए उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में दिखाई देता है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व इस प्रवास मार्ग में एक महत्वपूर्ण ठिकाना माना जा सकता है।वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इन पक्षियों का यहां ठहराव कुछ घंटों से लेकर एक सप्ताह तक का हो सकता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इन पक्षियों ने रिजर्व के भीतर किसी आर्द्र क्षेत्र, नदी तटीय मैदान या घास के मैदान में विश्राम किया या फिर वे सीधे अपने प्रवास पथ पर अग्रसर रहे।डेमोइज़ेल क्रेन अपनी शालीन उड़ान और आकर्षक काया के लिए प्रसिद्ध है। हल्के धूसर रंग के शरीर, लाल आंखों और लंबी गर्दन वाले ये पक्षी समूह में उड़ते समय “V-शेप” की फॉर्मेशन बनाते हैं, जो देखने वालों के लिए बेहद अद्भुत नज़ारा पेश करता है।विशेषज्ञों का मानना है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इनका आगमन इस क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि का संकेत है। यहां न केवल बाघ और अन्य वन्यजीवों का सुरक्षित आवास है, बल्कि यह प्रवासी पक्षियों की राह में भी एक अहम ठिकाना बनकर उभरा है।भविष्य में इन पक्षियों की गतिविधियों और संभावित ठहराव स्थलों का अध्ययन व मॉनिटरिंग जरूरी है। इससे न केवल पक्षी विज्ञानियों को प्रवासी पक्षियों के व्यवहार को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि इनके संरक्षण के प्रयास भी मजबूत होंगे।




