किसान मजदूर संगठन ने सरकार से सिंचाई विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के सस्पेंड और एमएसपी गारंटी कानून की मांग की

किसान मजदूर संगठन ने सरकार से सिंचाई विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के सस्पेंड और एमएसपी गारंटी कानून की मांग की
पूरनपुर,पीलीभीत। मंगलवार को रास्ते किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी एवं ट्रांस शारदा क्षेत्र के हजारों किसान-मजदूर साथियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप- जिलाधिकारी पूरनपुर को सौंपा। इस मौके पर संगठन ने केंद्र सरकार से बाढ़ प्रभावित किसानों की समस्याओं और कृषि सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी।संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखीं:
कृषि एमएसपी गारंटी कानून: उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जिस प्रकार तीन कृषि कानून पास करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था, उसी प्रकार किसानों के हित में सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष सत्र बुलाकर कानून बनाया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए राहत पैकेज: उत्तर भारत के कई जिलों में आई बाढ़ से प्रभावित ट्रांस शारदा क्षेत्र को विशेष राहत पैकेज देने की मांग की गई, ताकि जनता को तत्काल राहत मिल सके।जल प्रबंधन विभाग की जांच और सस्पेंड: बाढ़ के कारण हुई तबाही की जांच कराई जाए और लापरवाह अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए, जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो।केंद्रीय एजेंसी से जांच: बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र, पुणे से लखीमपुर के सिंचाई और जल प्रबंधन विभाग के अधिकारियों की जांच कराई जाए। संगठन का आरोप है कि नेपाल की नदियों से आने वाले पानी को सही ढंग से स्वीकार नहीं किया जा रहा।नेपाल की नदियों से बाढ़ का कारण: ज्ञापन में कहा गया कि नेपाल की पथरिया, राधा, स्याली, सुनवरा, वनरा आदि नदियाँ संयुक्त होकर बामनी, जगबुरा, मोहन और सुई कौर डहावर नदियों में मिलती हैं, जो शारदा नदी में प्रवेश कर ट्रांस शारदा क्षेत्र में तबाही का कारण बनती हैं।नेपाल के तटबंध का असर: नेपाल ने अपनी सीमा में 20 फीट ऊंचे तटबंध बनाकर पानी सीधे शारदा नदी में छोड़ दिया है। इससे महेंद्र नगर का क्षेत्र तो सुरक्षित रह जाता है, लेकिन लखीमपुर व पीलीभीत जिले में बाढ़ आती है और भारतीय किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।कृषकों के लिए राहत वितरण: बाढ़ प्रभावित किसानों को आने वाली फसलों के लिए खाद, बीज और डीजल वितरण किया जाए, ताकि वे पुनः खेती कर अपनी जीविका चला सकें।इस अवसर पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के युवा तहसील अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह, युवा तहसील प्रभारी गुरप्रीत सिंह गुरदासपुरीया,राकेश यादव, चरनजीत सिंह, बच्चे लाल, नारायण गुप्ता, काशीराम, सुंदरलाल सहित कई किसान मजदूर साथी मौजूद रहे।संगठन ने सरकार से अपील की कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत और सिंचाई विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसानों को भारी नुकसान से बचाया जा सके।




