यूपी

फतेहपुर खुर्द में बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय बना ग्रामीणों की परेशानी का कारण

ग्रामीणों ने लापरवाही व भ्रष्टाचार का लगाया आरोप, शौचालय बंद होने से मजबूरन खुले में जा रहे लोग

फतेहपुर खुर्द में बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय बना ग्रामीणों की परेशानी का कारण

ग्रामीणों ने लापरवाही व भ्रष्टाचार का लगाया आरोप, शौचालय बंद होने से मजबूरन खुले में जा रहे लोग

पूरनपुर,पीलीभीत।गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने के उद्देश्य से सरकार ने सामुदायिक शौचालयों पर लाखों रुपये खर्च किए हैं। किंतु पंचायतों में सब कुछ इसके विपरीत ही दिख रहा है। लाखों की लागत से बने शौचालय निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। इनमें लगे ताले खोले जाने का इंतजार कर रहे हैं।शासन के कड़े निर्देश और लोगों की शिकायतों और आवश्यकता के बावजूद भी कुछ गांवों में बने सामुदायिक शौचालयों का ताला खुलने को तैयार नहीं है। पहले की तरह आज भी शौचालयों में ताले लटक रहे हैं।बताते चलें कि गांवों को स्वच्छ साफ और सुथरा बनाने की मंशा लिए शासन की ओर से करोड़ों रुपए खर्च करके गांवों में बनाए गए सामुदायिक शौचालय स्थानीय प्रशासन से लेकर तहसील प्रशासन के अधिकारियों के लापरवाही के चलते बेकार साबित हो रहे हैं। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर खुर्द के ग्रामीणों ने सार्वजनिक शौचालय बंद होने की गंभीर समस्या उठाई है। ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2015- 2020 के बीच निर्मित यह शौचालय पिछले 7–8 माह से पूरी तरह बंद पड़ा है, क्योंकि इसमें लगी मोटर को हटा दिया गया है।गाँव के प्रमुख स्थान पर बने इस शौचालय का उपयोग ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और मंदिर में आने वाले लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता था। शौचालय बंद होने से ग्रामीणों को खुले में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और उन परिवारों को भारी कठिनाई हो रही है, जिनके घरों में व्यक्तिगत शौचालय नहीं हैं।ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर क्षेत्र में प्रतिवर्ष धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनमें दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं। इस स्थिति में सार्वजनिक शौचालय का बंद होना न सिर्फ असुविधा बढ़ा रहा है बल्कि गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी पैदा कर रहा है।ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी पूरनपुर को पत्र सौंपकर तुरंत मोटर लगवाकर शौचालय को पुनः चालू कराने की मांग की है। शिकायत पत्र पर सहकारी गन्ना विकास समिति के चेयरमैन नितिन दीक्षित व ब्रजेश दीक्षित,प्रसून दीक्षित,अजयपाल, छत्रपाल, राजपाल,सनमीत कुमार, रजनीश पांडेय,अनूप कुमार, नेहा सहित गांव के तमाम लोगों के हस्ताक्षर है।

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