बच्चों ने कहा– शुक्रिया डीएम साहब
शेरपुर कला नंबर–2 के स्कूल में मेज़–कुर्सी पहुंची, मासूमों के चेहरे पर मुस्कान

बच्चों ने कहा– शुक्रिया डीएम साहब
शेरपुर कला नंबर–2 के स्कूल में मेज़–कुर्सी पहुंची, मासूमों के चेहरे पर मुस्कान
(मीनू बरकाती)
पूरनपुर,पीलीभीत।जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्राथमिक विद्यालय शेरपुर कला नंबर–2 में अब तक फर्श पर बैठकर पढ़ाई करने वाले बच्चों को पहली बार शानदार मेज़ और कुर्सियाँ उपलब्ध कराई गई हैं।नई व्यवस्था से छोटे–छोटे बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है।बच्चों ने जिलाधिकारी को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब उन्हें पढ़ाई के दौरान किसी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।अब हम भी बड़े स्कूलों की तरह आराम से मेज़–कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई करेंगे बच्चों ने मुस्कुराते हुए कहा।विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने से बच्चों को लिखने–पढ़ने में दिक्कत होती थी। ठंड और बरसात के दिनों में यह स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं थी। मेज़– कुर्सी की व्यवस्था से न केवल स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा बल्कि बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।गाँव के अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत किया।उनका कहना है कि यह व्यवस्था बच्चों के भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगी।ग्राम पंचायत अधिकारी अखिलेश गुप्ता और ग्राम प्रधान जाने आलम की अहम भूमिका रही, जिनके प्रयासों से बच्चों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था संभव हो सकी।शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि विद्यालयों में सुविधाएँ बेहतर होने से बच्चों का नामांकन बढ़ेगा और पढ़ाई पर भी अधिक ध्यान लगेगा। विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ग्रामीण अंचल के सभी विद्यालयों को आवश्यक सुविधाओं से लैस किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों की कमी से वंचित न रह जाए। जैसे ही छोटे–छोटे बच्चों ने पहली बार मेज़–कुर्सी पर बैठकर पढ़ाई शुरू की उनके चेहरे पर अलग ही चमक दिखाई दी। कई बच्चों ने उत्साहित होकर कहा–अब लगता है जैसे हम किसी बड़े और आधुनिक स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं।बच्चो बोले अब हमें फर्श पर नहीं बैठना पड़ेगा जैसे बड़े स्कूल में पढ़ाई होती है वैसे ही अब हम भी पढ़ेंगे।ठंड और बरसात में बहुत दिक्कत होती थी, अब आराम से बैठकर पढ़ पाएंगे।अभिभावको ने कहा हमारा डीएम साहब को धन्यवाद, उन्होंने बच्चे की पढ़ाई आसान कर दी।फर्श पर बैठने से बच्चों की तबीयत बार-बार खराब हो जाती थी,अब यह समस्या खत्म होगी।यह पहल गाँव के बच्चों का भविष्य बदल देगी। पढ़ाई के माहौल में बड़ा सुधार होगा।हम जिलाधिकारी और पंचायत के आभारी हैं,जिन्होंने छोटे बच्चों के लिए इतना अच्छा काम किया।




