नगरिया खुर्द कला में 27 व बंदरभोझ में 18 आवासों का सत्यापन पूरा,अधिकारी बोले – अपात्र को नहीं मिलेगा लाभ

नगरिया खुर्द कला में 27 व बंदरभोझ में 18 आवासों का सत्यापन पूरा,अधिकारी बोले – अपात्र को नहीं मिलेगा लाभ
मीनू बरकाती
पूरनपुर,पीलीभीत।गरीबों को छत उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री आवास आपदा योजना के अंतर्गत इस समय जिले में सत्यापन कार्य चल रहा है।इसी क्रम में बृहस्पतिवार को संयुक्त खंड विकास अधिकारी संजय कुमार यादव ने नगरिया खुर्द कला गांव में सूचीबद्ध 27 लाभार्थियों का और एक दिन पूर्व बंदरभोझ गांव के 18 लाभार्थियों का सत्यापन किया।इस दौरान उनके साथ ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार गौतम भी मौजूद रहे।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन गांवों में अभी आवासों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल केवल उन लोगों की सूची का मिलान और पात्रता जांच की जा रही है, जिनके नाम लाभार्थी सूची में दर्ज हैं।सत्यापन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तव में जरूरतमंद और पात्र लोगों को मिले।सत्यापन टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी आर्थिक स्थिति, आवासीय स्थिति तथा दस्तावेजों की जांच की।अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के पास पहले से पक्का मकान है या जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत है, उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे। वहीं, जिन गरीब और बेघर परिवारों का नाम पात्रता की शर्तों पर खरा उतरेगा, उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।
संयुक्त खंड विकास अधिकारी संजय कुमार यादव ने कहा कि सरकार की मंशा है कि हर पात्र गरीब को छत उपलब्ध कराई जाए। इसलिए पात्रता की जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई अपात्र व्यक्ति सूची में पाया गया तो उसका नाम तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।गांव नगरिया खुर्द कला और बंदरभोझ के कई ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस योजना से उन्हें सुरक्षित आवास मिलेगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वास्तविक गरीबों को प्राथमिकता दी जाए।
सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में विकास खंड क्षेत्र के अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसी प्रकार का सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।इसके बाद अंतिम सूची तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आवास आपदा योजना का उद्देश्य वास्तव में गरीब और बेघर लोगों को छत उपलब्ध कराना है। इसी कारण अभी सूची का सत्यापन चल रहा है। पात्र और अपात्र की पहचान की जा रही है। जिन लोगों के पास पहले से पक्का मकान है या जो शर्तों पर खरे नहीं उतरते, उनके नाम सूची से हटा दिए जाएंगे। केवल योग्य और पात्र लाभार्थियों को ही आवास का लाभ मिलेगा।उन्होंने आगे कहा कि सत्यापन कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित नहीं किया जाएगा।
(ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार गौतम)




