पुस्तक है ज्ञान का अमूल्य खजाना : अख़्तर मियां ख़ान
पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के उप निदेशक मनीष सिंह ने दी प्रेरणादायी पुस्तक

पुस्तक है ज्ञान का अमूल्य खजाना : अख़्तर मियां ख़ान
पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के उप निदेशक मनीष सिंह ने दी प्रेरणादायी पुस्तक
पीलीभीत।टाइगर वाइल्डलाइफ़ कंज़र्वेशन सोसायटी के अध्यक्ष अख़्तर मियां ख़ान ने कहा कि एक पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं,बल्कि यह ज्ञान, प्रेरणा और नई सोच का अमूल्य खजाना होती है।उन्होंने यह विचार उस समय व्यक्त किए जब उन्हें पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के उप निदेशक मनीष सिंह द्वारा एक महत्वपूर्ण पुस्तक भेंट की गई।अख़्तर मियां ख़ान ने इस अवसर पर कहा कि यह पुस्तक उनके लिए केवल एक साधारण उपहार नहीं है, बल्कि यह ज्ञान की शक्ति और संरक्षण के क्षेत्र में साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारी सोच को नई दिशा देती हैं और जीवन को सही मायनों में समृद्ध बनाती हैं।उन्होंने आगे कहा कि यह उपहार उन्हें वन्यजीव संरक्षण के मिशन में और अधिक उत्साह व ऊर्जा प्रदान करेगा। पुस्तकें हमेशा हमें नई दुनियाओं से परिचित कराती हैं और हमारे अपने समाज तथा प्राकृतिक संसाधनों को गहराई से समझने का अवसर देती हैं।अख़्तर मियां ख़ान ने कहा कि यह पुस्तक उनके लिए न केवल ज्ञान का स्रोत होगी, बल्कि यह उन्हें वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरणीय जनजागरूकता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती रहेगी।उन्होंने मनीष सिंह के इस सम्मानजनक कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह भेंट एक अधिकारी और समाजसेवी के बीच गहरी समझ और सहयोग का प्रतीक है।
(पुस्तकें बदल सकती हैं सोच)
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में जब लोग तकनीक में अधिक उलझते जा रहे हैं, तब पुस्तकों का महत्व और बढ़ जाता है। पुस्तकें न केवल हमें ज्ञान देती हैं, बल्कि हमारे भीतर मानवीय संवेदनाओं को जीवित भी रखती हैं।




