नानक सागर डैम से छोड़ा गया पानी, पीलीभीत के कई वार्ड डूबे, घरों में घुसा पानी
भाजपा जिलाध्यक्ष और नगर पालिका अध्यक्ष आस्था अग्रवाल ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा, खुद की नालें की सफाई

भाजपा जिलाध्यक्ष और नगर पालिका अध्यक्ष आस्था अग्रवाल ने की नालें की सफाई
ब्यूरो, पीलीभीत।
बारिश के दौरान डैम से पानी छोड़े जाने पर शारदा और देवहा नदियां उफान पर हैं। शारदा नदी तो खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। शहर के निचले इलाके से गुजरी देवहा नदी में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। शहर के बेनी चौधरी, खकरा मुहल्ले में घरों तक पानी पहुंच गया है। यहां के बाशिंदे घरों में कैद हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें घुटनों तक भर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।कई दिनों से लगातार हो रही बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं नदियों के बढ़ रहे जल स्तर से स्थिति और खराब हो गई है। भारी बारिश के दौरान डैम पर पानी ओवर होने से पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे नदियों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। देवहा नदी में जल स्तर बढ़ने से नदी के किनारे बसे सभी गांव में बाढ़ के हालात हैं। नानक सागर डैम से लगातार छोड़े जा रहे पानी ने देवहा नदी सहित अन्य नदियों के जलस्तर को बढ़ा दिया है। इसका असर नगर क्षेत्र में साफ दिखाई दे रहा है। ऑफिसर्स कॉलोनी सहित नगर के कई वार्डों की गलियां और मोहल्ले पानी में डूब गए हैं। लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।लगातार बारिश से नदियों का स्तर नालों से ऊपर पहुंच जाने के कारण पानी मोहल्लों में घुस गया है। स्थिति को गंभीर होते देख भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह और नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने स्वयं नगर के नालों की सफाई कराई। दोनों ने नगरवासियों से अपील की कि इस विषम परिस्थिति में धैर्य और सहयोग बनाए रखें।भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय किया गया है, ताकि जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने बताया कि स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए प्रशासन और संगठन दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।इससे पहले एक दिन पूर्व राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार और जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भी बरसाती पानी में उतरकर नगर के हालात का जायजा ले चुके हैं। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए।
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