चार दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश से जन जीवन अस्त -व्यस्त, शहर से गांव तक जलभराव
ग्रामीण इलाकों में तालाब पानी से लबालब, सड़के, बाजार, दलदल में तब्दील

स्कूल-कॉलेज बंद; नदियां उफनाई, निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
पूरनपुर, पीलीभीत।
लगातार चार दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर की गलियों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी भर गया है। जगह-जगह सड़कें और बाजार तालाब का रूप ले चुके हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों के घरों में भी परेशानी बढ़ गई है।ग्रामीण इलाकों में तालाब पूरी तरह लबालब हो गए हैं। खेतों और मेड़ों से पानी बहकर रास्तों और गलियों में भर गया है। कई जगह दलदल बनने से ग्रामीणों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। दुकानों और बाजारों में जलभराव से व्यापारी भी बेहाल हैं।बारिश का असर खेती-किसानी पर भी साफ दिखाई दे रहा है।शहर से लेकर गांव के कई मुख्य मार्ग और मोहल्ले पूरी तरह जलमग्न हैं। लोग घरों से बाहर निकलने में भी हिचक रहे हैं। वहीं, बच्चे और बुजुर्ग बीमारियों के खतरे को लेकर सहमे हुए हैं। जलभराव से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। कलीनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत खासपुर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। ग्राम पंचायत के अधिकांश हिस्से में पानी भर चुका है। जमुनिया खासपुर पुलिस चौकी में करीब डेढ़ फीट तक पानी घुस गया है, जिससे पुलिसकर्मियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।मुख्य चौराहे पर भी जलभराव से यातायात प्रभावित हो गया है। वहीं, ग्राम पंचायत का कंपोजिट विद्यालय भी पानी में डूब गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठप पड़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की निकासी न होने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने की अपील की है। सेहरामऊ उत्तरी इलाके में भी भारी मात्रा में जलभराव हो गया है। जोगराजपुर व कुर्रेया खुर्द कलां मार्केट दलदल में तब्दील हो चुकी है। बाजार में भारी मात्रा में जलभराव है। पीलीभीत जिले में बारिश अब आफत बनती जा रही है। रविवार को आठ घंटे तक बारिश हुई। सोमवार सुबह से रात तक बारिश का क्रम जारी रहा, मंगलवार सुबह होते ही फिर झमाझम बारिश होने लगी। लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। देवहा और शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ के हालात हो गए हैं। तहसील पूरनपुर क्षेत्र और बीसलपुर क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में है और कस्बे से संपर्क टूट चुका है, सड़कों पर कई फिट पानी आ जाने से स्थिति खराब हो रही है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरत के लिए परेशान होना पड़ रहा है।लगातार हो रही बरसात के कारण नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। देवहा नदी में 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी उफान पर आ गई है, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं शारदा में 1.30 लाख क्यूसेक पानी पास किए जाने से नदी का रौद्र रूप देखने को मिला है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रही बारिश से प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं जलभराव के चलते कई मार्गों पर यातायात बाधित है, जिससे आमजन को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए डीएम ने सोमवार और मंगलवार को सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के परिषदीय व निजी विद्यालयों के साथ-साथ कक्षा 6 से 12 तक के विद्यालय और उच्च शिक्षा संस्थान भी बंद रहेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्णय लिया है
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