पीलीभीत में तीन दिनों से झमाझम बारिश, जलभराव से कई कार्यालय बने तालाब
सड़कों से दफ्तरों तक पानी ही पानी,बारिश से बिगड़े हालात, परेशानी बढ़ी

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पीलीभीत में हर वर्ष बारिश और बाढ़ से मचती है तबाही, ग्रामीणों की ज़िंदगी होती है बेहाल
ब्यूरो, पीलीभीत।
पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार झमाझम बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि शहर की प्रमुख सड़कें ही नहीं बल्कि कई सरकारी कार्यालय भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं। जगह-जगह घुटनों तक पानी भरने से लोगों का निकलना दुश्वार हो गया है।
लगातार बारिश से कलेक्ट्रेट, तहसील दफ्तर और ब्लॉक कार्यालयों में पानी घुस गया। कार्यालयों में आने-जाने वाले कर्मचारियों और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग गली-मोहल्लों में पानी भरे रहने से घरों से बाहर तक नहीं निकल पा रहे हैं।निचले इलाकों में हालात और भी खराब हो गए हैं। कई मोहल्लों में घरों के आंगन और दुकानों तक पानी पहुंच गया है। सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं। इससे बीमारी फैलने की आशंका भी गहराने लगी है।पीलीभीत में रविवार रात से हो रही लगातार बारिश के कारण जिला अस्पताल, विकास भवन, डीआईओएस कार्यालय, मंडी समिति कार्यालय, शारदा बाढ़ खंड समेत आधा दर्जन कार्यालय डूब गए। यहां तक कि एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट के घरों समेत पूरे ऑफीसर्स कॉलोनी में पानी घुस गया।ऑफीसर्स कॉलोनी में सरकारी अधिकारियों के वाहन भी पानी में डूब गए हैं। कॉलोनी और कार्यालयों से पानी निकालने के लिए मोटर लगाई गई है। हालांकि लगातार बारिश के कारण पानी बढ़ता ही जा रहा है।रविवार रात से शहर में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जो अभी तक जारी है। बारिश को देखते हुए मौसम विभाग की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दो दिन पहले ही डीएम ने 12वीं तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है। शहर के प्रमुख इलाकों में स्थिति चिंताजनक है। वल्लभनगर, अशोक नगर, एकता नगर कॉलोनी, फीलखाना, सुनगढ़ी और स्टेशन रोड पर घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। मुख्य सड़कों और गलियों में घुटनों तक पानी भरा है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। रविवार को भी शहर में 55 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई थी। सोमवार सुबह भी बारिश जारी रहने से शारदा और देवही नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
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इनसेट
न्यूरिया थाना परिसर में घुसा पानी, फरियादियों और पुलिसकर्मियों को समस्या
लगातार हो रही बारिश के चलते न्यूरिया थाना परिसर तालाब जैसा नजर आ रहा है। थाने में पानी भर जाने से फरियादी व पुलिसकर्मी दोनों परेशान हैं। थाने में आने-जाने में लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। रिकार्ड रूम और मालखाने तक पानी पहुंचने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हर बार बरसात में यही स्थिति बन जाती है।न्यूरिया थाना परिसर में जलभराव ने बड़ी समस्या खड़ी कर दी है।जिससे फरियादी और पुलिसकर्मी दोनों ही परेशान हो रहे हैं। थाना परिसर में खड़े वाहनों तक पानी भर गया है और रिकॉर्ड रूम व मालखाने तक पानी पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। थाने पर आने वाले ग्रामीणों और फरियादियों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने में भारी दिक्कतें पेश आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बरसात में थाना परिसर तालाब का रूप ले लेता है।
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इनसेट
पीलीभीत में हर वर्ष बारिश और बाढ़ से मचती है तबाही, ग्रामीणों की ज़िंदगी होती है बेहाल
तराई क्षेत्र का ज़िला पीलीभीत हर साल बारिश और बाढ़ की विभीषिका झेलता है। तेज बारिश से नदियाँ उफान पर आ जाती हैं और गाँव जलमग्न हो जाते हैं। खेत खलिहान पानी में डूब जाते हैं जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। गाँवों के घरों में पानी घुसने से लोग बेघर हो जाते हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और सरकार हर वर्ष राहत और बचाव कार्य का दावा तो करते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया। बारिश थमने के बाद प्रशासन की सक्रियता भी धीरे-धीरे कम हो जाती है। यही कारण है कि पीलीभीत की जनता हर साल बाढ़ की मार को झेलने को मजबूर है।हर बार सरकारी दावे और योजनाएँ कागज़ों तक ही सीमित रह जाती हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्य शुरू तो करता है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष उन्हें तबाही झेलनी पड़ती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी इंतज़ाम करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
पीलीभीत में हर वर्ष बारिश और बाढ़ से मचती है तबाही, ग्रामीणों की ज़िंदगी होती है बेहाल




