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एसडीएम कलीनगर ने गौशाला का किया औचक निरीक्षण

चारे-पानी की समुचित व्यवस्था पर दिया विशेष जोर, अधिकारियों को सख्त निर्देश

एसडीएम कलीनगर ने गौशाला का किया औचक निरीक्षण

चारे-पानी की समुचित व्यवस्था पर दिया विशेष जोर, अधिकारियों को सख्त निर्देश

कलीनगर,पीलीभीत।स्थानीय प्रशासन द्वारा पशुपालन और गौवंश संरक्षण को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी महिपाल सिंह ने रविवार को कलीनगर क्षेत्र स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और विशेष रूप से चारे और पानी की उपलब्धता की जानकारी ली।एसडीएम ने गौशाला प्रबंधन से कहा कि गौवंश की देखभाल सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “गौशाला में चारे और पानी की व्यवस्था किसी भी हालत में बाधित नहीं होनी चाहिए। पशुओं को समय पर पर्याप्त चारा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने गौशाला में साफ-सफाई, पशुओं की सेहत और प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशाला में नियमित रूप से साफ-सफाई की व्यवस्था, हरा चारा, भूसा तथा पीने के पानी की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि पानी जमाव और कीचड़ से गौवंश को किसी प्रकार की समस्या न हो।उन्होंने यह भी कहा कि गौशाला में तैनात कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करना चाहिए। प्रशासन की ओर से समय-समय पर औचक निरीक्षण होते रहेंगे।इस अवसर पर नायब तहसीलदार अक्षय यादव, लेखपाल गजेंद्र कुमार समेत तहसील के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने सभी अधिकारियों को मिलकर कार्य करने और समय-समय पर गौशाला की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।एसडीएम की इस सक्रियता से स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों ने खुशी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की इस पहल से गौशालाओं की दशा और दिशा में सुधार होगा तथा गौवंश को बेहतर देखभाल मिल सकेगी।एसडीएम महिपाल सिंह के औचक निरीक्षण और सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि प्रशासन गौशालाओं की व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उम्मीद है कि इस पहल से न केवल पशुओं को राहत मिलेगी बल्कि क्षेत्र में गौवंश संरक्षण और पशुपालन को भी नई दिशा मिलेगी।

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