एतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में अमावस्या बड़ी श्रद्धा भावना के साथ मनाई गई, हजारों की संख्या में संगत पहुंची

एतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में अमावस्या बड़ी श्रद्धा भावना के साथ मनाई गई, हजारों की संख्या में संगत पहुंची
रणजीत सिंह हजारा
हजारा, पीलीभीत।एतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में अमावस्या बड़ी श्रद्धा भावना तथा धूमधाम के साथ मनाई गई।इस अवसर पर हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेक कर अपनी व अपने परिवार की सुख शांति की कामना की। वहीं श्रद्धालुओं के लिए लंगर की विशेष व्यवस्था की गई थी।पीलीभीत जनपद की पूरनपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ट्रांस शारदा क्षेत्र में स्थित एतिहासिक गुरुद्वारा नानक साहिब खजूरिया सिद्धनगर में हर महीने आयोजित होने वाली अमावस्या शनिवार को बड़ी श्रद्धा भावना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय संगत के साथ साथ दूर दराज के क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में पहुंची संगत ने सबसे पहले गुरुद्वारा परिसर में बने पवित्र सरोवर में स्नान किया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने निशान साहिब की परिक्रमा करने के बाद दरबार साहिब में सुंदर तरीके से सुशोभित किये गये श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने नतमस्तक होकर अपनी व अपने परिवार की सुख शांति की कामना कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर धार्मिक दीवान का भी आयोजन किया गया था।गुरुद्वारा साहिब के मुख्य जत्थेदार संत बाबा दिलबाग सिंह की सरपरस्ती में अमावस्या को समर्पित वृहस्पतिवार से प्रारंभ किये गए श्री अखंडपाठ साहिब का समापन शनिवार को गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी बाबा निशान सिंह के द्वारा शरबत के भले की अरदास करने पश्चात हुआ। वहीं इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में धार्मिक दीवान का भी आयोजन किया गया था।धार्मिक दीवान में पहुंचे सिक्ख पंथ के कविसरी जत्थों बिक्रम सिंह तथा गुरशरण सिंह चीमा के साथ साथ कथावाचक गुरबचन सिंह कमलापुर वालों ने अपने अपने लहजे में सिक्ख इतिहास का बखान कर दीवान हाल में मौजूद संगत को जागरूक किया।वहीं दूसरी ओर दीवान की शुरुआत से पूर्व गुरुद्वारा साहिब के जत्थेदार बाबा हरजिंदर सिंह के नेतृत्व में दीवान हाल में बैठी संगत ने लगभग आधे घंटे तक सतनाम श्री वाहे गुरु के मूलमंत्र का जाप किया था।यहां आपको बता दें कि इस गुरुद्वारा साहिब के ऐतिहासिक होने के कारण यहां पर हर वर्ग के आस्थावान श्रदालु पहुंच कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सामने अपना शीश झुकाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करने की अरदास करते हैं। इतना ही नहीं लोगों की मनोकामनाएं पूरी भी होती हैं। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए लंगर की विशेष व्यवस्था की गई थी। यह गुरु का लंगर सारा दिन अटूट वरताया गया था। वहीं इस अवसर पर सेवादारों ने लंगर छकाने, जूते चप्पल जमा करने की सेवा की। तो वहीं दूसरी ओर महिला सेवादारों ने बड़ी श्रद्धा भावना के साथ बर्तन धोने की सेवा निभाई। इस दौरान मौके पर गुरुद्वारा साहिब के जत्थेदार बाबा दीपा सिंह, मुख्य ग्रंथी बाबा निशान सिंह के साथ साथ गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रणजीत सिंह, मैनेजर निशान सिंह, उप प्रधान महेंद्र सिंह, स्टेज सेक्रेटरी सतनाम सिंह, पूर्व उप प्रधान दलबीर सिंह, पूर्व उप प्रधान निशान सिंह, जसपाल सिंह, सतनाम सिंह भरजूनियां, रणजीत सिंह डेरा, मंगजीत सिंह, हरपिंदर सिंह, हरमीत सिंह, प्रताप सिंह, गुरदीप सिंह अशोकनगर, गुरजीत सिंह, जगीर सिंह, तलविंदर सिंह, मनप्रीत सिंह समेत तमाम सेवादार मौजूद रहे।




