शेरपुर कला में विशाल पशु चिकित्सा शिविर, खुरपका-मुंहपका टीकाकरण से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी

शेरपुर कला में विशाल पशु चिकित्सा शिविर, खुरपका-मुंहपका टीकाकरण से ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ी
पूरनपुर,पीलीभीत।ग्रामीण अंचलों में पशुपालन करने वाले किसानों और पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को शेरपुर कला में पशु चिकित्सालय पूरनपुर की ओर से एक दिवसीय पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में सैकड़ों पशुओं का खुरपका एवं मुंहपका रोग से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया। साथ ही पशुओं की अन्य बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयाँ भी निःशुल्क वितरित की गईं।शिविर के आयोजन में हाजी रियाजत नूर खान पूर्व प्रधान शेरपुर कला व पुर्व प्रधानपति तकी,खां की महत्वपूर्ण भूमिका रही।वहीं उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. अंबेश गंगवार और विकास अग्निहोत्री ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। पशु चिकित्सकों की टीम ने शिविर में आए पशुपालकों को पशुओं की देखभाल, समय-समय पर टीकाकरण और रोगों की रोकथाम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी।विशेषज्ञों ने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक संक्रामक रोग है, जो यदि समय पर नियंत्रित न किया जाए तो पशुओं के बीच तेजी से फैल सकता है और इससे दुग्ध उत्पादन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसीलिए नियमित टीकाकरण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक शिविर में भाग लिया और अपने पशुओं को उपचार व टीकाकरण के लिए लाए। पशुपालकों ने कहा कि ऐसे शिविर उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं क्योंकि गांवों में समय पर पशु-चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं।कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय पूरनपुर और सहयोगी टीम का आभार जताया। शिविर की सफलता ने यह साबित कर दिया कि यदि समय-समय पर ऐसे आयोजन किए जाएँ तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुपालन क्षेत्र को मजबूती मिल सकती है।




