गौशाला में मृत पशुओं की दुर्दशा, वीडियो वायरल होने के बाद सचिव सस्पेंड, एसडीएम व सीवीओ सहित कई अफसरों का स्पष्टीकरण तलब

देवीपुर गौशाला में मृत पशुओं की वीडियो वायरल होने के बाद सचिव सस्पेंड, एसडीएम व सीवीओ सहित कई अफसरों का स्पष्टीकरण तलब
ग्राम प्रधान देवीपुरा को कारण बताओ नोटिस किया जारी
पीलीभीत। देवीपुरा गौशाला विकासखण्ड मरौरी पीलीभीत के सोशल मीडिया पर वायरल फोटो एवं वीडियो में कई गौवंश मृत अवस्था में पाये गये और उनके शवों को समुचित तरीके से दफनाया नही गया। जिस की वजह से गौशाला की निचली भूमि पर जल भराव के कारण कई गौवंशों के शव पानी में तैरते दिखाई दिए उक्त वीडियो का संज्ञान लेते हुये तत्काल जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गौशाला का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लगभग 15 से 20 गौवंश के शव तैरते हुए दिखाई दे रहे थे , राकेश कुमार शर्मा ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने एवं मृत गौवंशों को भली प्रकार न दफनाने एवं गौवंशों का समुचित देखभाल न करने के कारण उक्त स्थिति उत्पन्न हुई। उक्त के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश कुमार शर्मा को निलम्बित किया गया। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, खण्ड विकास अधिकारी मरौरी तथा उप पशु चिकित्साधिकारी मरौरी से स्पष्टीकरण तलब किया गया तथा ग्राम प्रधान छोटे लाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सम्पूर्ण प्रकरण की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी को नामित किया गया।
हिंदू महासभा ने जिम्मेदारों पर एफआईआर न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी, देवीपुरा गौशाला में 100 से अधिक गौवंशों की मौत का आरोप

पीलीभीत। देवीपुरा गौशाला में 100 से अधिक गौवंशों की मौत के मामले ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। अखिल भारत हिंदू महासभा ने इस घटना को “गंभीर लापरवाही” का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम व भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वह उग्र आंदोलन करेगा।

हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं को बुधवार को सूचना मिली कि देवीपुरा गौशाला में भारी संख्या में गौवंश असमय मौत का शिकार हो गए हैं। सूचना मिलते ही संगठन की टीम मौके पर पहुँची, जहाँ का नजारा बेहद हृदयविदारक था—लगभग 100 से अधिक मृत गौवंश पड़े थे, जिनमें कई के शव गड्ढों में सड़ रहे थे और कुछ पानी में तैर रहे थे। वहीं कई घायल और बीमार गौवंश तड़पते हुए दिखाई दिए। संगठन के युवा जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि न केवल मृत पशुओं को दफनाने की व्यवस्था नहीं थी, बल्कि जीवित और घायल गौवंशों के लिए चिकित्सा और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा गौवंश संरक्षण हेतु पर्याप्त बजट और संसाधन दिए जाने के बावजूद यह हालात दर्शाते हैं कि गौशाला प्रबंधन में गंभीर स्तर की लापरवाही बरती जा रही है।।गौरव शर्मा ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि पूर्व में भी इस गौशाला में इस प्रकार की लापरवाही और गौवंशों की मौत के मामले सामने आए हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।संगठन ने उपजिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की है कि—गौशाला के संचालन में लापरवाही बरतने वाले बीडीओ, ग्राम प्रधान, सचिव, केयरटेकर और अन्य जिम्मेदारों पर एफआईआर दर्ज की जाए। मृत गौवंशों को तुरंत दफनाकर संक्रमण रोकथाम के उपाय किए जाएं। घायल व बीमार गौवंशों को तत्काल चिकित्सा, भोजन और सुरक्षित आश्रय दिया जाए।भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी निरीक्षण समिति का गठन किया जाए। अखिल भारत हिंदू महासभा ने साफ कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उपजिलाधिकारी ने मौके पर संगठन को आश्वासन दिया कि दोषियों पर उचित और शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान युवा जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा, युवा जिला महामंत्री आयुष सक्सेना, युवा जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र मौर्य, कृष्णा साहनी, युवा नगर उपाध्यक्ष रोहित वर्मा, जिला मंत्री राजेंद्र वर्मा, युवा नगर अध्यक्ष राहुल राठौर, मीडिया प्रभारी प्रेम सागर शर्मा, सुभाष बाबू, अमित अवस्थी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे। मामले में लापरवाही बरतने पर डीएम ने सचिव राकेश कुमार शर्मा को सस्पेंड कर दिया है।
रिपोर्ट- शैलेंद्र शर्मा व्यस्त




