मथना जप्ती में बाघ का आतंक, खेत में घुसकर बछड़े को बनाया निवाला
गन्ने के खेत बने बाघ का ठिकाना, वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

मथना जप्ती में बाघ का आतंक, खेत में घुसकर बछड़े को बनाया निवाला
गन्ने के खेत बने बाघ का ठिकाना, वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
पूरनपुर,पीलीभीत।बाघ ने गांव के नजदीक खेतों में घूम रहे बछड़े पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। घटना को लेकर खलबली मच गई। सूचना मिलने के बाद वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की है। जिम्मेदारों की लापरवाही से लगातार वन्यजीव जंगल से बाहर घूमते देखे जा रहे हैं। तहसील कलीनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मथना जप्ती में उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव के ही निवासी सुखविंदर सिंह के घर के पीछे स्थित खेतों में अचानक एक बाघ घुस आया। वहां घूम रहे एक बछड़े को अपना शिकार बना लिया। घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया मबेशी के चिल्लाने की आवाज सुनकर कई लोग पहुंच गए। बाघ ने कुछ ही पलों में बछड़े पर झपट्टा मारा और गला दबाकर उसे मार डाला। पूरी घटना महज कुछ मिनटों में घट गई, और इससे पहले कि कोई कुछ कर पाता, बाघ खेत में ही बछड़े का मांस खाने में जुट गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने बाघ के पैरों के निशान और आसपास की जगह की जांच की। घटना के बाद से मथना जप्ती और आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। लोग अब सुबह-शाम खेतों में जाने से डरने लगे हैं। कई किसान रात में खेतों की रखवाली करने का साहस नहीं कर पा रहे। इससे पहले भी बाघ जमुनिया, रानीगंज सहित पड़ोसी कई गांव के ग्रामीणों पर हमला कर मौत के घाट उतार चुका है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में पीलीभीत और आसपास के क्षेत्रों में बाघों की संख्या में वृद्धि हुई है। जंगलों में भोजन की कमी या शिकार की तलाश में ये बाघ कभी-कभी आबादी वाले इलाकों में भी घुस आते हैं। इसके अलावा, गन्ने के खेत बाघों और अन्य जंगली जानवरों के लिए एक तरह से छुपने की सुरक्षित जगह बन जाते हैं, जिससे वे आसानी से गांव तक आ पहुंचते हैं। गन्ने की ऊंची फसल और पानी की उपलब्धता उन्हें यहां रुकने के लिए मजबूर करती है। वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और बाघ की किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बाघ से सीधे टकराव से बचें और खेतों में अकेले जाने से परहेज करें।




