शेरपुर में यूरिया खाद का संकट गहराया, किसानो ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

शेरपुर में यूरिया खाद का संकट गहराया, किसानो ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
पूरनपुर,पीलीभीत।गांव-देहात में इन दिनों धान की फसलें खेतों में खड़ी रही हैं, लेकिन समय पर खाद न मिलने से किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खिंच गई हैं। शेरपुर सहकारी समिति में यूरिया खाद की भारी कमी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। किसानों का कहना है कि यह फसल के विकास का अहम समय है और यदि तुरंत खाद उपलब्ध नहीं हुई तो मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर जाएगा।शेरपुर निवासी और किसान नेता फैसल खान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर स्थिति की गंभीरता उजागर की है।वीडियो में उन्होंने बताया कि शेरपुर सहकारी समिति पर कई दिनों से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। इस समिति से आसपास के कई गांवों के किसान जुड़े हैं और खाद की किल्लत से सभी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि खेतों में समय पर खाद न डाल पाने से धान की फसलें कमजोर पड़ रही हैं,जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा।फैसल खान ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और सहकारी समिति ने जल्द कार्रवाई नहीं की और यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराई, तो किसान मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ शेरपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों से किसान इसमें शामिल होंगे।किसानों का आरोप है कि समिति पर खाद का पर्याप्त भंडारण नहीं किया गया, जबकि पहले से ही मांग का अंदाजा था। कुछ किसानों ने यह भी कहा कि निजी विक्रेताओं के पास यूरिया उपलब्ध है, लेकिन वे इसे ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जो सरकारी दर से कई गुना ज्यादा है। इससे छोटे और सीमांत किसान खाद लेने में असमर्थ हो रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे और समिति पर पर्याप्त मात्रा में खाद पहुंचा दे, तो स्थिति संभल सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसानों की मेहनत बर्बाद न हो।किसान अब अंतिम उम्मीद की नजर से प्रशासन की ओर देख रहे हैं। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह संकट केवल फसलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवनयापन पर भी भारी असर डालेगा।




