पूरनपुर में यूरिया को लेकर हाहाकार, भारी बारिश के बीच खाद के लिए लगी किसानों की लंबी लाइनें

पूरनपुर में यूरिया को लेकर हाहाकार, भारी बारिश के बीच खाद के लिए लगी किसानों की लंबी लाइनें
पूरनपुर,पीलीभीत।एक ओर जिला प्रशासन द्वारा यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता के दावे किए जा रहे हैं।वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। नगर के धनाराघाट रोड पर स्थित कृषभको भारतीय को-ऑपरेटिव लिमिटेड की दुकान पर तेज बारिश के बावजूद किसानों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हाथ में छाता थामे, भीगते हुए किसान घंटों लाइन में लगे नजर आए, जिससे साफ हो गया कि यूरिया के लिए अब भी हाहाकार मचा हुआ है।मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान खाद की आपूर्ति समय पर न मिलने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूरिया की मांग अधिक होने और आपूर्ति की व्यवस्था असंतुलित होने के कारण कई किसानों की बुआई प्रक्रिया प्रभावित हुई है। खेतों में काम छोड़कर लाइन में लगे किसान निराशा, क्रोध और बेबसी के भाव के साथ केवल यही कह रहे हैं कि “जब खाद ही नहीं मिलेगी, तो खेती कैसे होगी?प्रशासन की ओर से दावा किया गया था कि जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। लेकिन लगातार कृषि विभाग और प्रशासन की लापरवाही के चलते वितरण केंद्रों पर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यह स्थिति कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले, यूरिया वितरण में धांधली और जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कृषि अधिकारी की पिटाई जैसे गंभीर घटनाक्रम सामने आ चुके हैं।बारिश ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया। फिसलन भरी सड़कों और कीचड़ के बीच भी किसान अपनी बारी के इंतजार में डटे रहे। कुछ किसानों ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से लाइन में खड़े हैं, फिर भी नंबर नहीं आया। न तो छायायुक्त इंतजाम हैं, न पीने के पानी की व्यवस्था।किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि यूरिया वितरण के लिए टोकन प्रणाली, ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग, या ग्राम स्तर पर वितरण केंद्रों की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे, तो आंदोलन और घेराव जैसे कदम उठाने पर वे मजबूर होंगे।




