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शेरपुर के खेतों में घूम रहा बाघ का कुनवा,ग्रामीणों में खौफ

शेरपुर के खेतों में बाघ का आतंक,ग्रामीणों में खौफ का महौल

पूरनपुर,पीलीभीत।तहसील क्षेत्र के शेरपुर गांव के आसपास शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब खेतों की ओर गए किसानों ने एक बाघ को खुले मैदान में घूमते देखा गया जो लगातार गांव के इर्द-गिर्द मंडरा रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।शेरपुर निवासी किसान अब्दुल्ला,बिट्टू और सलीम बेग खेतों में पालेज की फसल देखने गए थे। तभी उनकी नजर अचानक खुले खेत में घूमते बाघ पर पड़ी।स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए किसान तुरंत दबे पांव गांव लौटे और ग्रामीणों को सूचना दी। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण खेतों की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाघ सोबरन के खेत से निकलकर बिट्टू के खेत में घुस गया, जबकि कुछ ही देर बाद पेट्रोल पंप के पीछे भी बाघिन और शावकों के देखे जाने की चर्चा फैल गई। सलीम बेग के खेत में भी ताजे पगचिह्न पाए गए हैं। गांव के अलग-अलग स्थानों पर बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में गहरी दहशत है।सूचना मिलते ही सामाजिक वानिकी व पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की टीमें मौके पर पहुंचीं। टीमों ने खेतों में मिले पगचिह्नों की पड़ताल की और बाघ की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी।हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि केवल दिखावे के लिए निरीक्षण किया जा रहा है, जबकि बाघ लगातार आबादी की ओर बढ़ रहा हैं।गौरतलब है कि यह इलाका पीटीआर की सीमा से सटा हुआ है और जंगल की खुली सीमाओं के कारण अक्सर बाघ, तेंदुआ और अन्य जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में घुस आते हैं। बीते कुछ वर्षों में टाइगर अटैक के चलते कई ग्रामीण अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके वन विभाग बजट की कमी और संसाधनों की दुहाई देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता नजर आता है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही वन्यजीवों की आमद के कारण वे खेतों में जाना बंद करने को मजबूर हो गए हैं। फसलों को नुकसान हो रहा है और बच्चों-बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित हैं। डिप्टी रेंजर कपिल कुमार ने पुष्टि की कि क्षेत्र सामाजिक वानिकी के अंतर्गत आता है।बाघ के पगचिह्न मिलने की सूचना पर टीमें मौके पर पहुंची हैं और निगरानी लगातार की जा रही है। पगचिह्नों से स्पष्ट नहीं है कि यह मादा बाघ है या नर, लेकिन आसपास बाघिन और शावकों की मौजूदगी की आशंका जताई जा रही है।ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि बाघ के पूरे कुनबे को तत्काल पकड़कर जंगल में शिफ्ट किया जाए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।

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