क्राइमटॉप न्यूज़दुनियायुवायूपीराजनीतिराज्यलोकल न्यूज़

सेहरामऊ पुलिस पर मारपीट के आरोपों में आया नया मोड़, विवाद को राजनीतिक रंग देने की चर्चा

ग्रामीण की शिकायत से गरमाया मामला, गांव में उठे सवाल—पुलिस की छवि धूमिल करनें का प्रयास

इन दिनों चुनावी सरगर्मियों के बीच कुछ लोगों द्वारा राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से पुलिस की छवि धूमिल करने के प्रयास किए जाने की चर्चा क्षेत्र में जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे विवादों को जानबूझकर बढ़ा- चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा सकें और क्षेत्र में भ्रम की स्थिति पैदा हो। पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के ग्राम बिलबुझिया में पुलिस पर लगाए गए मारपीट और जबरन समझौता कराने के आरोपों का मामला अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। पहले जहां ग्रामीण पप्पू राठौर द्वारा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर एसपी से लेकर अपर पुलिस महानिदेशक बरेली और बाद में लखनऊ जाकर डीजीपी से शिकायत करने के बाद मामला सुर्खियों में आया था, वहीं अब शिकायतकर्ता के परिजन,गांव के प्रधान और कई ग्रामीणों ने सामने आकर पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए इसे बेवजह तूल देने की बात कही है। वही पुलिस पर लगाएं जा रहे आरोपों को निराधार बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार बिलबुझिया निवासी पप्पू राठौर ने आरोप लगाया था कि आठ मार्च को गांव के ही दो युवकों से उसका विवाद हुआ था। जिसकी शिकायत भी उसने पुलिस से की थी। आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस ने उसके साथ मारपीट की और जबरन समझौता कराने का दबाव बनाया। इस मामले को लेकर उसने पहले जनपद के पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक बरेली जोन को भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। जब स्थानीय स्तर पर उसे संतोषजनक कार्रवाई होती नहीं दिखाई दी तो वह लखनऊ पहुंचकर पुलिस महानिदेशक से भी शिकायत कर आया। इसके बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।हालांकि अब इस मामले में शिकायतकर्ता के परिजन और गांव के कई ग्रामीण समेत ग्राम प्रधान अवधेश कुमार भी घटना की पूरी सच्चाई बयां कर रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस पर लगाए गए आरोप वास्तविकता से परे हैं और इन्हें अनावश्यक रूप से बढ़ा- चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा रहा है। शिकायतकर्ता के परिजनों और गांव के लोगों का कहना है कि संबंधित युवक शराब का आदी है और अक्सर शराब के नशे में गांव में गाली-गलौज करता रहता है, आठ मार्च को भी पप्पू राठौर अत्यधिक शराब के नशे में होकर गाली -गलौज कर रहा था। पप्पू राठौर शराब के नशे का आदी होने के कारण गांव में आए दिन छोटे-मोटे विवाद की स्थिति बनती रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार गांव के लोगों को भी उसके व्यवहार से परेशानी का सामना करना पड़ा है। ऐसे में किसी विवाद की स्थिति बनने पर पुलिस ने केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से हस्तक्षेप किया था। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई को गलत तरीके से प्रस्तुत कर उसे बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। वही इन दिनों क्षेत्र में पंचायत चुनाव की सरगर्मियां भी तेज हैं। ऐसे में गांव के कुछ कथित लोग राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से छोटे-छोटे विवादों को बड़ा बनाकर पेश कर रहे हैं। और पुलिस की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी कारण इस मामले को भी अनावश्यक रूप से उछाला जा रहा है ताकि पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके और क्षेत्र में माहौल को प्रभावित किया जा सके। वही पुलिस को भी इन दिनों सतर्क रहने की आवश्यकता है। और गांवो में राजनीतिक लाभ के चलते छोटे -छोटे विवादों को बड़ा रूप देने वाले कथित लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करना चाहिए। वही स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयास किए जाते रहे हैं। पुलिस द्वारा समय-समय पर गांवों में गश्त और विवादों के निस्तारण के प्रयास भी किए जाते हैं, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।

 

वही वर्तमान ग्राम प्रधान अवधेश कुमार ने भी इस पूरे प्रकरण में बताया है कि पुलिस पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं।पुलिस पर बेबजह आरोप लगाने वाला युवक शराब के नशे का आदी है।उन्होंने कहा कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस हमेशा सक्रिय रहती है और इस मामले में भी पुलिस की कोई गलती सामने नहीं आई है।
——————————————–


 

सेहरामऊ उत्तरी थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह नें बताया है कि युवक शराब के नशे का आदी है। आठ मार्च को युवक का अपने भाई सोनू से विवाद हुआ था। गांव निवासी एक महिला के दरवाजे पर गाली गलौज किया गया। दोनों पक्षों ने ग्राम प्रधान के घर आपसी सहमति से समझौता कर लिया। पुलिस पर लगाएं जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार है।

——————————————–

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!