शिकायत के बाद भी अभी तक झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं
पूरनपुर, पीलीभीत।
ग्रामीण इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों का मकड़जाल तेजी से फैलता जा रहा है। गांव-गांव में बिना डिग्री और बिना पंजीकरण के कई लोग क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।क्षेत्र के कई गांवों में झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम दवाइयां दे रहे हैं और गंभीर बीमारियों का भी इलाज करने का दावा करते हैं। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते इनका हौसला लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इन फर्जी डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। हाल ही में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा कथित गलत इलाज किए जाने से एक गर्भवती महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पीड़ित पति ने झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीएमओ को शपथ पत्र के साथ शिकायत देने के साथ ही सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है।जानकारी के अनुसार थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के गांव दुर्जनपुर कलां निवासी नन्हेलाल ने शिकायत में बताया कि 23 फरवरी 2026 को उसकी पत्नी मीना देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। पत्नी गर्भवती थी और उसकी हालत को देखते हुए वह घबरा गया। आसपास कोई सरकारी स्वास्थ्य सुविधा तुरंत उपलब्ध न होने के कारण वह अपनी पत्नी को गांव में ही लंबे समय से इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टर राम सागर वर्मा के पास ले गया। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना किसी प्रकार की जांच किए ही गर्भवती महिला को इंजेक्शन लगा दिया।इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद महिला की हालत और ज्यादा बिगड़ने लगी। यह देखकर पति और परिजन घबरा गए और आनन-फानन में महिला को पीलीभीत के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।बताया जा रहा है कि मृतका की दो छोटी बेटियां हैं। मां की असमय मौत से दोनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां को खोने के बाद मासूम बेटियां लगातार बिलख रही हैं, जिसे देखकर गांव के लोग भी भावुक हो जा रहे हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब बच्चों के पालन-पोषण को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।पीड़ित पति नन्हेलाल का आरोप है कि उसने घटना के बाद झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को शपथ पत्र के साथ लिखित शिकायत दी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पीड़ित परिवार खुद को असहाय महसूस कर रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है। कई जगह बिना डिग्री और बिना पंजीकरण के लोग क्लीनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई के चलते इन लोगों के हौसले बुलंद हैं और ग्रामीणों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है।ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर लगाम लगाई जा सके।
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