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गोमती नदी को फिर से जीवन देने की मुहिम तेज: उद्गम स्थल से लखनऊ तक पदयात्रा से पहले वन मंत्री ने किया हवन पूजन

गोमती को फिर से जीवन देने की मुहिम तेज: उद्गम स्थल से लखनऊ तक पदयात्रा से पहले वन मंत्री ने किया हवन पूजन

पीलीभीत। माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम स्थल से एक बार फिर नदी के पुनर्जीवन की अलख जगाई गई है। हवन-पूजन के साथ शुरू हुई गोमती दर्शन यात्रा के जरिए समाज और शासन का ध्यान गोमती की बदहाल स्थिति की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। शनिवार को गोमती उद्गम स्थल पर आयोजित हवन-पूजन कार्यक्रम में वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने भाग लेकर यात्रा का शुभारंभ कराया। गोमती दर्शन यात्रा ट्रस्ट की अध्यक्ष श्वेता सिंह रविवार सुबह यहां से पदयात्रा पर निकलेंगी, जो 5 अप्रैल तक लखनऊ पहुंचेगी।श्वेता सिंह अपनी टीम के साथ दो दिन पहले ही माधोटांडा पहुंच चुकी थीं। उनकी टीम में संयोजक अनुराग पांडेय, महामंत्री संजीव, पंकज शुक्ला, अभिनव तिवारी, अंकुर पांडेय सहित करीब तीन दर्जन सदस्य शामिल हैं। हवन-पूजन के दौरान विधायक बाबूराम पासवान, जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, प्रभारी खंड विकास अधिकारी हेमंत कुमार यादव सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान गोमती भक्त योगेंद्र सिंह और निर्भय सिंह ने उद्गम स्थल से जंगल सफारी शुरू कराने की मांग रखी। वन मंत्री ने इस पर डीएफओ से रिपोर्ट मांगकर जल्द संचालन का आश्वासन दिया। उद्गम क्षेत्र की झीलों में नहरों या वैकल्पिक माध्यम से पानी पहुंचाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

इस पर वन मंत्री ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस दिशा में ठोस पहल करेंगे। श्वेता सिंह ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से गोमती नदी के जीर्णोद्धार के लिए कार्य कर रही हैं। यात्रा के दौरान हर दिन शाम को आरती और गोष्ठी आयोजित होगी, जबकि सुबह पदयात्रा आगे बढ़ेगी। जहां पैदल चलना संभव नहीं होगा, वहां वाहन से दूरी तय की जाएगी। कार्यक्रम में आरती सेवा मंडल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गोमती भक्त मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कई संगठनों ने गोमती के पुनर्जीवन के प्रयास किए हैं, लेकिन अब तक नदी में अविरल धारा बहाल नहीं हो सकी है, जिससे इस तरह के प्रयासों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

 

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