सरकारी जमीन पर कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी,रजिस्ट्री ऑफिस–अस्पताल की मांग पर हंगामा

सरकारी जमीन पर कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी,रजिस्ट्री ऑफिस–अस्पताल की मांग पर हंगामा
पूरनपुर/पीलीभीत। कलीनगर में सुलभ शौचालय और जर्जर आयुर्वेदिक अस्पताल की जमीन पर नगर पंचायत द्वारा दुकानों के कॉम्प्लेक्स निर्माण के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रस्ताव के विरोध में रविवार को संबंधित स्थल पर बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। विरोध जताते हुए मांग की गई कि उक्त भूमि पर दुकानों के बजाय रजिस्ट्री ऑफिस या अस्पताल का निर्माण कराया जाए।

बताया गया कि कलीनगर में पूर्व चेयरमैन स्वर्गीय चिरौजीलाल देवल के कार्यकाल में नगर के बीचों-बीच सुलभ शौचालय का निर्माण कराया गया था, लेकिन शुरुआती दौर से ही इसका समुचित उपयोग नहीं हो सका और समय के साथ वह खंडहर में तब्दील हो गया। पूर्व में रहे चेयरमैन द्वारा इसे ध्वस्त करने के लिए शासन-प्रशासन से पत्राचार भी किया गया था।वर्तमान चेयरमैन माया भारती के प्रतिनिधि राजेश भारती ने सुलभ शौचालय और जर्जर आयुर्वेदिक अस्पताल भवन को ध्वस्त कर उसी स्थान पर दुकानों के कॉम्प्लेक्स निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड से पारित करा दिया। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, पूर्व प्रत्याशियों और अन्य स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई और इसे सार्वजनिक भूमि का दुरुपयोग बताया।बैठक के दौरान प्रस्ताव का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि नगर पंचायत क्षेत्र में रजिस्ट्री कार्यालय या अस्पताल की आवश्यकता है और यह भूमि उसके लिए अधिक उपयोगी साबित हो सकती है। बैठक के दौरान चेयरमैन पक्ष और विरोधी पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। चेयरमैन प्रतिनिधि राजेश भारती ने कहा कि वर्षों से खंडहर पड़ी इमारत को हटाकर विकास की दिशा में कदम उठाया गया है। बोर्ड से विधिवत प्रस्ताव पास किया गया है और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में दुकानों की नीलामी कराई जाएगी। उनका कहना था कि दुकानों के निर्माण से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और कलीनगर के विकास को गति मिलेगी।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री ऑफिस के लिए तहसील के नजदीक भूमि अधिक उपयुक्त रहेगी। वहीं अस्पताल निर्माण को लेकर सीएमओ से बातचीत में 5 बीघा जमीन की आवश्यकता बताई गई है, जबकि विवादित भूमि मात्र डेढ़ बीघा है।बैठक में पूर्व चेयरमैन सुनील कटियार, रामकुमार भोजवाल, देव स्वरूप आर्य, राजेंद्र गुप्ता उर्फ बबलू, संजय गुप्ता, संजय जायसवाल उर्फ सोनू, रामप्रकाश सक्सेना, नवनीत सक्सेना, जीतू शर्मा हिमांशु गुप्ता, अशोक देवल, प्रवेश भारती, पवन जायसवाल, जयदेव पासवान, पप्पू सलमानी, महावीर, होरीलाल पासवान, सुखदेव जायसवाल, राम बहादुर यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे। मामले को लेकर नगर में चर्चा का माहौल गर्म है और अब प्रशासनिक स्तर पर निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।




