नन्हीं जिया फातिमा ने रखा पहला रोजा मिली दुआएं और तोहफे

नन्हीं जिया फातिमा ने रखा पहला रोजा मिली दुआएं और तोहफे
पीलीभीत।पवित्र माह रमजान की रौनक के बीच शेरपुर कलां निवासी तकी खां के परिवार में उस समय खास खुशी का माहौल बन गया, जब 8 वर्षीय जिया फातिमा, पुत्री युसूफ खां, ने अपना पहला रोजा रखा। नन्हीं जिया के इस कदम से घर-परिवार ही नहीं, बल्कि मोहल्ले में भी उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई।सुबह सहरी के समय जिया पूरे उत्साह के साथ उठी और परिवार के साथ सहरी की। दिनभर उसने पूरी श्रद्धा और धैर्य के साथ रोजा रखा। परिजनों के अनुसार, जिया ने न तो थकान की शिकायत की और न ही भूख-प्यास को लेकर कोई परेशानी जताई। उसकी इस लगन को देखकर माता-पिता और रिश्तेदार भावुक हो उठे।
शाम को अज़ान के साथ जब रोजा इफ्तार का समय हुआ तो घर में खास इंतजाम किए गए। खजूर और शरबत के साथ जिया ने अपना पहला रोजा खोला। इस मौके पर परिवार के लोगों ने उसे दुआओं से नवाजा और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।जिया के पिता युसूफ खां ने बताया कि बेटी बचपन से ही धार्मिक संस्कारों में रुचि रखती है और खुद की इच्छा से रोजा रखने की जिद की थी। उन्होंने कहा,हमें अपनी बेटी पर गर्व है। उसने पूरे हौसले और सब्र के साथ पहला रोजा पूरा किया।मोहल्ले के लोगों ने भी जिया को बधाई दी और उसकी हिम्मत की सराहना की। कई महिलाओं ने उसे तोहफे देकर प्रोत्साहित किया। बच्चों के बीच भी जिया चर्चा का विषय बनी रही।पवित्र माह में नन्हीं बच्ची का यह पहला रोजा न सिर्फ एक धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि परिवार में संस्कार और परंपरा की मजबूत नींव का भी परिचायक है। जिया की मुस्कान और आत्मविश्वास ने सभी का दिल जीत लिया।




