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गौशाला पर विहिप का हल्ला बोल, मृत गौवंश दफनाने में लापरवाही का दावा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन की मोहलत

गौशाला पर विहिप का हल्ला बोल, मृत गौवंश दफनाने में लापरवाही का दावा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन की मोहलत

पूरनपुर,पीलीभीत। सेहरामऊ थाना क्षेत्र के गढ़ा कला गांव में संचालित गौशाला को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने गौशाला संचालन में भ्रष्टाचार, मानकों की अनदेखी और गौवंश के प्रति गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अजीत प्रताप सिंह को सौंपा। ज्ञापन शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे दिया गया।विहिप पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल गौ-माता के रक्षण, संरक्षण और पालन की योजनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौशाला में मृत गौवंश को तय मानकों के विपरीत मात्र दो फीट से भी कम गहरे गड्ढों में दफनाया गया, जिससे उनके अवशेष मिट्टी से बाहर निकल आए हैं। इससे परिसर और आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है तथा बढ़ती गर्मी के बीच संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है।कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि गौशाला के संचालन और रख-रखाव के लिए सरकार द्वारा दी जा रही अनुदान राशि के दुरुपयोग की प्रबल संभावना है। घायल और सड़कों पर घूम रहे गौवंशीय पशुओं को शरण न देने की शिकायत भी ज्ञापन में दर्ज कराई गई है।विहिप का कहना है कि जब कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों को स्थिति के बारे में अवगत कराने का प्रयास किया तो ग्राम प्रधान के पुत्र आकाश ने शासन-प्रशासन के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कथित रूप से धमकी दी, जिससे कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। विहिप प्रखंड अध्यक्ष पूरनपुर प्रदीप शर्मा एवं प्रखंड मंत्री अभिषेक मिश्रा ने मांग की है कि गौशाला की संचालन व्यवस्था की किसी सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अनुदान राशि के उपयोग की विस्तृत जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर जांच कर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो विहिप कार्यकर्ता आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद तहसील परिसर में कुछ देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। ग्राम प्रधान ने इन सभी आरोपी को नकारा है। उनका कहना है कि नियमानुसार पशुओ का अंतिम संस्कार किया गया है। आरोप गलत लगाए जा रहे हैं।

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