डीएम के निरीक्षण से मचा हड़कंप, लंबित पत्रावलियों पर सख्त निर्देश

डीएम के निरीक्षण से मचा हड़कंप, लंबित पत्रावलियों पर सख्त निर्देश
पीलीभीत।जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के विभिन्न पटलों का औचक निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। अचानक पहुंचे जिलाधिकारी के निरीक्षण से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। इस दौरान उन्होंने फौजदारी अभिलेखागार, राजस्व सहायक पटल, सामान्य अभिलेखागार, डीएलआरसी, न्याय सहायक एवं वेतन लिपिक अनुभाग की पत्रावलियों को बारीकी से परखा और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राजस्व पटल के निरीक्षण के दौरान गार्ड पत्रावली, देय रजिस्टर, तैनाती अभिलेख सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की गई। वहीं न्याय सहायक पटल पर आकस्मिक रजिस्टर, चरित्र-हैसियत एवं व्यक्तिगत पत्रावलियों का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए। सामान्य लिपिक पटल के निरीक्षण में रूटेशन रजिस्टर, विभागीय कार्यवाही रजिस्टर तथा एसीपी वेतन वृद्धि रजिस्टर की स्थिति का जायजा लिया गया। सामान्य अभिलेखागार में सत्यापन रजिस्टर और डाकबही की जांच की गई, जबकि राजस्व अभिलेखागार में निरीक्षण पंजिका, नकल रजिस्टर एवं अन्य अभिलेखों की पड़ताल की गई। शस्त्र कार्यालय के निरीक्षण के दौरान लाइसेंस सूची, गार्ड पत्रावली, डाकबही, निरीक्षण पंजिका और विरासत रजिस्टर को देखा गया। इस दौरान पटल सहायकों को कड़ी हिदायत दी गई कि सभी अभिलेख अद्यतन रखें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि सभी पत्रावलियों और संबंधित रजिस्टरों को नियमित रूप से अपडेट किया जाए। कोई भी पत्रावली, दाखिला या चरित्र प्रमाणपत्र लंबित न रहे। साथ ही उन्होंने पटल सहायकों को नेम प्लेट लगाने, अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने और कार्यालय की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), नगर मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) सहित सभी संबंधित पटल सहायक मौजूद रहे।




