बंदरों का बढ़ता आतंक: छत पर पढ़ रही इंटर की छात्रा पर हमला, आईसीयू में भर्ती, छोटी बहन भी घायल

बंदरों का बढ़ता आतंक: छत पर पढ़ रही इंटर की छात्रा पर हमला, आईसीयू में भर्ती, छोटी बहन भी घायल
पीलीभीत। जिलेभर में बंदरों के बढ़ते आतंक से आमजन का जीना मुश्किल हो गया है। न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव हरैया उर्फ हरकुशनापुर में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब छत पर पढ़ाई कर रही इंटरमीडिएट की छात्रा पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले के दौरान संतुलन बिगड़ने से छात्रा छत से नीचे आंगन में जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई। गांव निवासी अर्चना पुत्री श्रीपाल (कक्षा 12 की छात्रा) गुरुवार को सेकंड शिफ्ट में होने वाले परीक्षा की तैयारी के लिए घर की छत पर पढ़ाई कर रही थी। उसके साथ उसकी छोटी बहन भी मौजूद थी। तभी अचानक बंदरों का झुंड वहां पहुंच गया और दोनों बहनों पर झपट पड़ा। बंदरों से बचने के प्रयास में अर्चना का पैर फिसल गया और वह सीधे नीचे आंगन में गिर गई। छोटी बहन किसी तरह सीढ़ियों पर रुक गई, जिससे वह बड़े हादसे से बच गई। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में अर्चना को अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों के अनुसार छात्रा को अंदरूनी चोटें आई हैं और उसे निगरानी में रखा गया है। ग्रामीणों के मुताबिक तीन दिन पहले गांव के तुलसीराम की बेटी अवनि पर भी बंदरों ने हमला कर दिया था, जिससे वह घायल हो गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से गांव में दहशत का माहौल है।
कलीनगर और पूरनपुर में भी परेशानी
सिर्फ हरैया उर्फ हरकुशनापुर ही नहीं, बल्कि कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र में भी बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बंदर घरों की छतों, आंगनों और सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं। अब तक कई लोग बंदरों के काटने और हमले से घायल हो चुके हैं।ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की मांग की है, ताकि आगे किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। बढ़ते हमलों के बीच अभिभावक बच्चों को छत पर अकेले जाने से रोक रहे हैं और ग्रामीण भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं।




