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ममता पर लगा कलंक: कूड़े के ढेर में जिंदगी तलाशती मिली नन्हीं किलकारी, पुलिस और चाइल्डलाइन टीम पहुंची

ममता पर लगा कलंक: कूड़े के ढेर में जिंदगी तलाशती मिली नन्हीं किलकारी, पुलिस और चाइल्डलाइन टीम पहुंची

पीलीभीत। जिस नन्हीं किलकारी से आंगन गूंजना चाहिए था, वह तालाब किनारे पड़े एक थैले में सिसकियों में बदल गई। जिसने दुनिया में कदम रखते ही मां की गोद का हक पाया भी नहीं, उसे किसी ने बेरहमी से कूड़े के ढेर के पास छोड़ दिया। आखिर उस मासूम का क्या कसूर, जो सिर्फ बेटी बनकर पैदा हुई?पीलीभीत जनपद पीलीभीत की तहसील कलीनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायत करेलिया में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने गांव के पास तालाब किनारे पड़े एक थैले से नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो थैले के अंदर एक नवजात बालिका कपड़े में लिपटी हुई मिली। सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। लोगो ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।घटना को लेकर गांव में आक्रोश और पीड़ा का माहौल है। लोगों का कहना है कि समाज में बेटियों को बोझ समझने वाली सोच कब बदलेगी? जिस मां ने उसे जन्म दिया, उसने ही ममता का दामन छोड़ दिया यह सोचकर हर किसी की आंखें नम हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ के साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषी को जल्द कार्रवाई की जाएगी।यह घटना एक बार फिर समाज को आईना दिखाती है कि बेटी बचाने और सम्मान देने की बातें सिर्फ नारों तक सीमित न रहें, बल्कि सोच में भी बदलाव आए। फिलहाल, मासूम बालिका सुरक्षित है और उसके भविष्य को लेकर प्रशासन आगे की प्रक्रिया में जुटा है। मैनाकोट चौकी इंचार्ज प्रदुम्न अत्री ने बताया गांव के पीछे तालाब के पास नवजात बच्ची मिली है। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को अग्रिम कार्रवाई के लिए बुलाया गया है। बच्ची पूर्णता स्वस्थ है।

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