Uncategorized

रात की खामोशी में जहर की नींद, सुबह खाली मिला घर

रात की खामोशी में जहर की नींद, सुबह खाली मिला घर

नशा सुंघाकर दंपति को किया बेहोश, लाखों की नकदी व जेवर चोरी

पीलीभीत। कोतवाली पूरनपुर क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद हैं। गांव शेरपुर कला में बुधवार रात चोरों ने दंपति को नशा सुंघाकर बेहोश कर दिया और घर में जमकर तांडव मचाते हुए नकदी व जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। घटना की जानकारी सुबह जागी 10 वर्षीय बेटी ने पड़ोसियों को दी, जिसके बाद गांव में खलबली मच गई। सूचना पर एएसपी, सीओ प्रतीक दहिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। गांव शेरपुर कला निवासी गुड्डू पालेज का काम करते हैं। बुधवार रात वह पत्नी शबाना और तीन बच्चों के साथ भोजन करने के बाद करीब 10:30 बजे सो गए थे। इसी बीच रात में चोर घर में घुस आए और दंपति को नशा सुंघाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद बक्से का ताला तोड़कर सोने की मांग पट्टी, हार, झुमके, चांदी की पायल सहित करीब चार लाख रुपये की नकदी चोरी कर ली। नशे के प्रभाव से दंपति सुबह तक होश में नहीं आ सके। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे 10 वर्षीय बेटी महरबी की नींद खुली तो उसने माता-पिता को बेहोशी की हालत में पाया। यह देख वह अपने पांच वर्षीय भाई अयान और तीन वर्षीय बहन महरीन के साथ चीखने-चिल्लाने लगी। बच्चों की आवाज सुनकर पूर्व प्रधान फैयाज समेत आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलने पर सीओ प्रतीक दहिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में एएसपी ने भी पहुंचकर पड़ताल की।बेहोशी की हालत में महिला शबाना को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। होश में आने पर गुड्डू ने पुलिस को बताया कि वह पालेज का काम करते हैं और बीज आदि खरीदने के लिए घर में चार लाख रुपये रखे थे, जिन्हें गुरुवार को देने थे। उन्होंने आशंका जताई कि चोर पास में ही स्थित उनके भतीजे सोनू के खाली घर से होकर अंदर घुसे होंगे, क्योंकि वह बाहर रहकर काम करता है। पुलिस को घर के अंदर से एक इंजेक्शन सिरिंज और रुमाल बरामद हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने रुमाल में नशीला पदार्थ लगाकर दंपति को सुंघाया और फिर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

———–

 

मीडिया को घंटो तक रोका, उठे सवाल

चोरी की वारदात की सूचना पर मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों को गेट पर ही रोक दिया गया। क्राइम इंस्पेक्टर सहित सहित मौजूद पुलिस कर्मियों ने मीडिया को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। लगभग तीन घंटे तक इंतजार के बाद मीडिया कर्मियों की नाराजगी सामने आई। एएसपी के पहुंचने पर अंदर जाने की अनुमति मिली। पुलिस की इस कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में खूब चर्चा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!