अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है नेताजी का जीवन: राजकुमार राजू

अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है नेताजी का जीवन: राजकुमार राजू
आजादी के महानायक नेताजी को सपा कार्यकर्ताओं ने किया नमन
पीलीभीत। समाजवादी पार्टी कार्यालय पीलीभीत में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा ‘कट्टर’ ने की।अपने अध्यक्षीय संबोधन में नरेंद्र मिश्रा कट्टर ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे साहसी, प्रेरणादायी और क्रांतिकारी नेताओं में से एक थे। उन्होंने आई.सी.एस. जैसी प्रतिष्ठित सेवा में चयन के बावजूद देशसेवा को सर्वोपरि मानते हुए त्यागपत्र दे दिया। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” जैसे ओजस्वी नारे से उन्होंने देशवासियों में स्वतंत्रता की अलख जगाई और युवाओं को राष्ट्र के लिए बलिदान के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजकुमार राजू ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी ने आज़ादी के लिए सशस्त्र संघर्ष का मार्ग अपनाया और आज़ाद हिंद फौज (आईएनए) का गठन कर ब्रिटिश साम्राज्य को सीधी चुनौती दी। उन्होंने आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना की और “जय हिंद” का नारा देश को दिया, जो आज भी राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। नेताजी का विश्वास था कि आज़ादी केवल याचना से नहीं, बल्कि संगठित संघर्ष और त्याग से प्राप्त होती है। उनका जीवन अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है, जो आज के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम का संचालन सपा जिला उपाध्यक्ष हाजी अकबर अहमद अंसारी ने किया। इस दौरान सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष हरगोविंद गंगवार, बरखेड़ा विधानसभा अध्यक्ष धनपति वर्मा एडवोकेट, सदाकत अली, राजीव वर्मा, सतीश कुमार, अर्जुन भारती, सुरेश चंद्र, भुवनेश कुमार, महेश गंगवार, तोताराम वर्मा, शांतिस्वरूप सहित अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने नेताजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।




