
संघर्ष से सफलता तक का सफर: गांव की बेटियों के लिए मिसाल बनीं संध्या, परिजनों के संस्कार और सहयोग की हर ओर सराहना
पूरनपुर, पीलीभीत।
कहते हैं अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं होती। इसी कहावत को सच कर दिखाया है परिवार की इकलौती बेटी ने, जिसने कठिन परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में चयन होकर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली इस बेटी का सफर आसान नहीं रहा। सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उसने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक प्रशिक्षण में लगातार मेहनत की और हर कठिन परीक्षा को धैर्यपूर्वक पार किया। आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाई और CISF जैसी प्रतिष्ठित केंद्रीय बल में उसका चयन हो गया।बेटी के चयन की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। माता-पिता की आंखों में गर्व और खुशी के आंसू छलक उठे। परिजनों का कहना है कि बेटी ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं होतीं और अगर उन्हें सही मार्गदर्शन और समर्थन मिले तो वे हर मुकाम हासिल कर सकती हैं। थाना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव पजाबा की रहने वाली ओमप्रकाश की बेटी संध्या देवी, जिन्होंने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह शनिवार देर शाम अपने गृह गांव पजाबा पहुंची। उनके आगमन पर पूरे गांव में उत्सव का माहौल था और ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। गांव वासियों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ उनका स्वागत किया। जानकारी के अनुसार, संध्या देवी अपने परिवार में दो भाइयों कुलदीप कुमार और संदीप के बीच इकलौती बहन हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। उनके पिता ओम प्रकाश ने अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।संध्या देवी की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्वागत जुलूस के दौरान लोगों ने उन्हें कंधों पर उठाकर गांव की गलियों में घुमाया और देश सेवा के लिए चुने जाने पर गर्व जताया। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने संध्या देवी की मेहनत, अनुशासन और लगन की सराहना की।इस अवसर पर संध्या देवी ने कहा कि यह सफलता उनके परिवार, शिक्षकों और गांववासियों के सहयोग के बिना संभव नहीं थी। उन्होंने कहा, “मैं देश की सुरक्षा में अपनी पूरी निष्ठा से सेवा करूंगी और गांव का नाम रोशन करती रहूंगी।” उन्होंने युवाओं से भी लक्ष्य तय कर कड़ी मेहनत करने और देश सेवा के लिए आगे आने की अपील की।गांव के गणमान्य लोगों ने संध्या देवी को सम्मानित करते हुए कहा कि उनकी सफलता से क्षेत्र की अन्य बेटियों को नई प्रेरणा मिली है। कार्यक्रम के अंत में मिठाइयां बांटी गईं और सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।गांव और क्षेत्र में भी इस उपलब्धि को लेकर खुशी का माहौल है। लोग इसे अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बता रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सफलता ने समाज में बेटियों को आगे बढ़ाने की सोच को और मजबूत किया है।CISF में चयनित होकर यह बेटी न केवल देश की सुरक्षा में योगदान देगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत उदाहरण भी पेश करेगी। उसकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि सपने बड़े हों और इरादे मजबूत हों तो हर मंज़िल हासिल की जा सकती है।
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