पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की सुविधा और पर्यावरण संवर्धन हेतु हुई महत्वपूर्ण बैठक
पीलीभीत बाघ संरक्षण फाउंडेशन के शासी निकाय की बैठक में कई अहम निर्णय

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की सुविधा और पर्यावरण संवर्धन हेतु हुई महत्वपूर्ण बैठक
पीलीभीत बाघ संरक्षण फाउंडेशन के शासी निकाय की बैठक में कई अहम निर्णय
पीलीभीत।जनपद पीलीभीत के रॉयल किंगडम रिसॉर्ट मे पीलीभीत बाघ संरक्षण फाउंडेशन की द्वितीय शासी निकाय बैठक आयोजित की गई।इस बैठक की अध्यक्षता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन, पर्यावरण, उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा की गई।बैठक में प्रमुख सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अनिल कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा बंसल, महा प्रधान वन संरक्षक अरविंद कुमार सिंह,अपरा प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राम कुमार, परियोजना निदेशक मनीष सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं शासी निकाय/कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।बैठक के दौरान पीलीभीत बाघ संरक्षण फाउंडेशन के वार्षिक बजट को अनुमोदित किया गया। साथ ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, सतत पर्यावरण विकास को प्रोत्साहन देने तथा पर्यटकों की सुविधा बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।वन विभाग ने निर्णय लिया कि टाइगर रिजर्व में ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली को और सुगम बनाया जाएगा ताकि पर्यटक आसानी से अपनी यात्रा की योजना बना सकें। साथ ही पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वीकडे और वीकेंड के प्रवेश शुल्क में संशोधन किया गया।वीकडे पर शुल्क ₹100 से बढ़ाकर ₹120 किया गया।
वीकेंड पर शुल्क में 50% वृद्धि कर ₹150 किया गया।वाहनों के प्रवेश शुल्क को ₹300 से बढ़ाकर वीकडे में ₹400 और वीकेंड में ₹500 किया गया।
पर्यटकों की सुविधा के लिए सुबह की पहली पाली का समय 3 घंटे से बढ़ाकर 3.5 घंटे कर दिया गया है, जबकि दूसरी पाली का समय पूर्ववत रहेगा।बैठक में ईको टूरिज्म पर एक टीजर फिल्म का विमोचन किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक पर्यटन के महत्व को दर्शाती है।इसके साथ ही बराही वन विभाग भवन पर नव-निर्मित ईको टूरिस्ट सुविधा केंद्र को भी पर्यटकों के लिए खोला गया। मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रदेश का गौरव है और सरकार इसका सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा पर्यटन क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं की सराहना की।




