पीलीभीत में सभी ब्लॉकों में ओएसआर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
ग्राम पंचायतों को स्वयं के राजस्व सृजन के लिए किया गया प्रशिक्षित

पीलीभीत में सभी ब्लॉकों में ओएसआर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
ग्राम पंचायतों को स्वयं के राजस्व सृजन के लिए किया गया प्रशिक्षित
पीलीभीत। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों की स्वयं के स्रोतों (Own Source of Revenue – OSR) से राजस्व उत्पन्न करने की क्षमता बढ़ाने हेतु आयोजित एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मंगलवार को जनपद के सभी ब्लॉकों में संपन्न हुआ।
पूरनपुर, बीसलपुर, बरखेड़ा, बिलसंडा, ललौरीखेड़ा, मरौरी और अमरिया ब्लॉक में आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रत्येक विकासखंड की सर्वाधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों ने प्रतिभाग किया। पूरनपुर ब्लॉक सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ एडीओ पंचायत अजय देवल ने किया। उन्होंने ग्राम प्रधानों और सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में पंचायती राज अधिनियमों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को अपने स्वयं के स्रोतों से राजस्व अर्जित करने का अधिकार दिया गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य अधिनियमों में कर (Tax) और गैर-कर (Non-tax) दोनों प्रकार के स्रोतों के माध्यम से पंचायतें अपना राजस्व सृजित कर सकती हैं। उदाहरण के तौर पर ग्राम पंचायतें बाजार शुल्क, जल शुल्क, स्ट्रीट लाइट टैक्स आदि लगा सकती हैं।
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मास्टर ट्रेनरों ने दिए व्यावहारिक सुझाव
मास्टर ट्रेनर देवेश यादव ने बताया कि पंचायतें यदि व्यवहार विज्ञान संबंधी सिद्धांतों को अपनाएं तो अपने राजस्व सृजन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि “ग्राम पंचायतों के सतत विकास के लिए ओएसआर का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। इसके माध्यम से सौर ऊर्जा संयंत्र, जलापूर्ति व्यवस्था, सड़क निर्माण और सामुदायिक विकास कार्य किए जा सकते हैं।” मास्टर ट्रेनर वीरपाल राठौर ने कहा कि कर एवं गैर-कर स्रोतों के मिश्रण का उपयोग कर पंचायतें अपने राजस्व सृजन को सुदृढ़ बना सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद की कई पंचायतों ने पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में लगभग ₹26 लाख रुपये का स्वयं का राजस्व सृजन किया है, जो एक सराहनीय उपलब्धि है।
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प्रशिक्षण में रही उत्साहपूर्ण भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनर लेखराज राठौर, देवेश यादव, वीरपाल राठौर, वीर सक्सेना सहित पंचायत सचिव राहुल कन्नौजिया, नागेंद्र, बृजेश वर्मा, राजेश गौतम, भरत सिंह, आनंद गिरि, महेश यादव, बासुदेव और बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान एवं सचिव उपस्थित रहे।
ओएसआर से होगा ग्रामों का आत्मनिर्भर विकास
प्रशिक्षण के अंत में वक्ताओं ने कहा कि ओएसआर योजना ग्राम पंचायतों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पंचायतें यदि अपने संसाधनों का सही उपयोग करें तो बिना बाहरी सहायता के गांवों के विकास कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न किए जा सकते हैं।




